पहाड़ों पर दो दिन पहले हुई बारिश का परिणाम है कि गंगा एकबार फिर उफना गई हैं। धारा ने जबर्दस्त विस्तार शुरू कर दिया है। बुधवार को सर्वाधिक असर उसहैत क्षेत्र में हो सकता है। इस दिन सावन महीने का प्रमुख़ पर्व शिव त्रियोदशी होने के कारण श्रद्धालु गंगा स्नान को बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है।
मंगलवार को नरौरा बैराज से सुबह से ही 1,13,465 क्यूसेक पानी चल रहा है। इससे ऊपर के बैराज बिजनौर में सुबह 96 हजार क्यूसेक पानी चल रहा था जो अब बढ़कर 1,01,718 हो गया है और हरिद्वार बैराज से सुबह चल रहे 87 हजार क्यूसेक पानी से बढ़कर गंगा में डिस्चार्ज 1,04,617 क्यूसेक हो गया है। बाढ़ पर आई गंगा कछला मीटरगेज पर 163.50 है और रामगंगा में भी पानी बढ़ा है। यहां भी पानी में बढ़ोत्तरी हुई है। रामगंगा मीटरगेज पर 160.30 तक पहुंच गई हैं।
जिले में दोनो प्रमुख नदियों में पानी की बढ़ोतरी सबसे अधिक परेशान करने वाली है तो शिवतेरस पर श्रद्धालुओं को। जो गंगा या रामगंगा में विशेष स्नान पर्व पर इन पवित्र नदियों में डुबकी लगाएंगे। इस महीने में कांवड़ियों का भी गंगा पर जाना जारी है। इसके अलावा भीड़ का दबाव गंगा किनारे घाटों पर बढ़ेगा। कछला गंगा घाट पर यहां सबसे बड़ा स्नान पर्व है। ऐसे हालातों में स्नानार्थियों को प्रशासन ने पहले की चेतावनी जारी कर रखी है।
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सहसवान, कछला और उसहैत क्षेत्र पानी का खास दबाव
गंगा नदी के विस्तार को देखा जाए और अबतक आए पानी की समीक्षा की जाए तो बाढ़ खंड के अधिकारी भी मानते हैं कि गंगा का दबाव प्रमुख रूप से सहसवान, कछला और उसहैत क्षेत्र में है।
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गंगा में छोड़े गए पानी की ताजा स्थिति
नरौरा डैम
जहां से 12 घंटे में कछला गंगा घाट तक पानी पहुंचने की उम्मीद है।
छोड़ा गया पानी- 1,13,465 क्यूसेक
बिजनौर डैम
जहां से 24 घंटे में कछला गंगा घाट तक पानी पहुंचने की उम्मीद है।
छोड़ा गया पानी- 1,01,718 क्यूसेक
हरिद्वार डैम
जहां से 36 घंटे में कछला गंगा घाट तक पानी पहुंचने की उम्मीद है।
छोड़ा गया पानी- 1,04,617 क्यूसेक