जिले की 881 ग्राम पंचायतों में दूसरे राज्यों से आए श्रमिक
बिजनौर। जिले की आठ सौ से अधिक ग्राम पंचायतों में दूसरे राज्यों से तीन जून तक कुल 16990 श्रमिक पंचायतों में आए हैं। सबसे अधिक कोतवाली ब्लॉक तथा सबसे कम अफजलगढ ब्लॉक में आए हैं। प्रशासन ने प्रवासी आच्छादित ग्राम पंचायतों की निगरानी समितियों को एक्शन में रहने को कहा है।
कोरोना प्रकोप के बाद जिले में दूसरे राज्यों से श्रमिक आए हैं। जिले के 11 ब्लॉक में 1128 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 881 ग्राम पंचायत में हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तराखंड, पंजाब आदि राज्य से श्रमिक आए हैं। अफजलगढ ब्लॉक की 44 ग्राम पंचायत में 1817, धामपुर की 65 ग्राम पंचायत में 901, स्योहारा की 76 पंचायत में 1191, हल्दौर की 63 पंचायत में 2047, जलीलपुर की 87 पंचायत में 1698, किरतपुर की 66 पंचायत में 784, कोतवाली की 149 पंचायत में 2786, मौहम्मदपुर देवमल की 104 पंचायत में 1300, नजीबाबाद की 82 पंचायत में 1008 ,नहटौर की 74 पंचायत में 1618, तथा नूरपुर की 71 पंचायत में 1840 श्रमिक आए हैं। इस प्रकार जिले में तीन जून तक कुल 16990 श्रमिक पंचायतों में आए हैं। प्रवासी श्रमिकों को क्वारंटीन में रहना है।
कुछ दिन पहले नजीबाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत में प्रवासी श्रमिकों का बिना क्वारंटीन अवधि पूरा किए घर से नदारद होने का मामला सामने आया था। इस पर डीएम रमाकांत पांडेय ने लापरवाही बरतने वाले निगरानी समिति के सदस्यों व पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था। डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि प्रवासी आच्छादित पंचायतों की निगरानी समितियों को सतर्क रहने को कहा गया है। प्रवासी की क्वारंटीन अवधि की नियमित उपस्थिति सूचना बीडीओ, डीपीआरओ दफ्तर को दें।