चांदपुर में सुप्रीम कोर्ट के हाईवे से 500 मीटर के अंदर स्थित शराब के ठेके स्थानांतरित करने के निर्देश से शराब की दुकानें बंद कराने को महिलाओं के हौसले बुलंद हैं। बाजार बजरिया में अंग्रेजी शराब और जलीलपुर रोड पर देशी शराब की दुकान बंद कराने की मांग को लेकर महिलाओं ने हंगामा किया। पुलिस ने समझाकर महिलाओं को वापस घर भेज दिया।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद तथा सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे से पांच सौ मीटर के दायरे में स्थित शराब, बीयर की दुकानों को स्थानांतरित करने के आदेश के बाद महिलाओं ने भी शराब की दुकानों को बंद कराने के लिए मोर्चा खोल दिया है।
महिलाओं के बढ़ते आक्रोश के चलते शराब का विरोध ग्रामीण क्षेत्र से नगरीय क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। रविवार को जलीलपुर रोड पर जहार दीवान मंदिर के निकट स्थित देशी शराब की दुकान और बाजार बजरिया में जहार दीवान मंदिर के निकट स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान के विरोध में महिलाओं ने जमकर हंगामा किया। महिलाओं को कहना है कि हमारे मर्द पूरे दिन की मेहनत का पैसा शराब में लूटाकर घर पहुंचते हैं तथा हंगामा करते हैं, जिससे परिवार को आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ता है।
सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाकर घर भेज दिया। दो दिन पूर्व महिलाओं ने धनौरा रोड पर गुरुद्वारे के पास स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान पर हंगामा कर दुकान बंद कराने की मांग की थी। पुलिस ने महिलाओं को समझाकर भेज दिया था।
वहीं नूरपुर में धामपुर मार्ग स्थित गांव उमरी में शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं ने हंगामा करते हुए इसमें ताला डाल दिया।
रविवार को गांव उमरी में महिलाओं ने अड्डे से शराब की दुकान को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। ग्राम प्रधान कंचन देवी के नेतृत्व में शशिबाला, रानी देवी, विमला देवी, कमला देवी, माया, भोली, कुसुम, अतुल कुमार, गजेंद्र, ललित कुमार आदि शराब की दुकान को वहां से हटाने की मांग करते हुए दुकान पर पहुंचे। उन्होंने सेल्समैन को वहां से भगाकर दुकान पर ताला जड़ दिया।
उधर, गांव राहूनंगली में अड्डे पर चल रही शराब की दुकान बंद कराकर महिलाओं ने प्रदर्शन किया। महिलाएं दुकान हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं। प्रकाशो देवी, राजवती, भूरी, रितु, रूपवती, इंद्रावती, शकुंतला, बबीता, राजकुमारी, रानी आदि महिलाओं ने कहा कि शराबी महिलाओं से छेड़छाड़ कर परेशान करते हैं। प्रभारी निरिक्षक दुर्गेश कुमार मिश्र, एसएसआई रामचन्द्र सिंह भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और महिलाओं को समझाकर धरना समाप्त कराया।