संवाद न्यूज एजेंसी
बेगावाला। देशी शराब की दुकान को बंद कराने के लिए बीते 43 दिनों से धरना प्रदर्शन चल रहा है। अब दूसरी जगह दुकान खोलने के लिए खोखा रखा गया तो महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। जिन्होंने उक्त खोखे को उखाड़कर तालाब में फेंक दिया।
रावली-ब्रह्मपुरी के बीच रावली रपटे के पास देशी शराब की दुकान है। इस दुकान के पास भाकियू के बैनर तले 43 दिनों से धरना चल रहा है। जिनकी मांग है कि उक्त शराब की दुकान को बंद कराया जाए, साथ ही रपटे पर पुल का निर्माण हो। उधर शराब की दुकान हटाने के लिए आबकारी विभाग कई बार आश्वासन दे चुका था। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं निकला। मामले में महिलाओं और ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हो चुकी थी। कई बार महिलाओं ने नाबालिगों को शराब खरीदते हुए भी पकड़ा। अब आंदोलन बढ़ता देख शराब की दुकान के स्वामी ने बिजनौर रावली रोड पर गांव बड़कला के पास एक लोहे का खोखा दिया। जिसमें शराब बेची जानी थी।
रविवार की सुबह जब महिलाओं को पता लगा तो वे इकट्ठा होकर पहुंच गई। हालांकि इससे पहले ही खोखे से शराब निकालकर ले जाई जा चुकी थी गुस्साई महिलाओं ने तोड़फोड़ करते हुए लोहे के उक्त खोखे को तालाब में फेंक दिया। भाकियू पदाधिकारियों का कहना है कि ये सब कुछ ठेका मालिक ने जानबूझकर करवाया है।
चौकी प्रभारी देवेंद्र राठी बताया कि हमने वहां जाकर मालिक को ठेका अपनी जगह रखने के लिए बोल दिया है। इसके बाद ठेके वाले टीन के खोखे को ट्रेक्टर ट्राली में भरकर ले गए।