बिजनौर में गर्भवती महिलाओं से एनीमिया को खत्म करने के लिए शासन की मुहिम को स्वास्थ्य विभाग खुद ही पलीता लगा रहा है। गर्भवती महिलाओं को कई महीनों से लाल गोली की जगह किशोरियों को दी जाने वाली नीली गोली दी जा रही है।
गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को एनीमिया के दंश से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयरन की गोली वितरित की जाती हैं। प्रसूता और उसके नवजात बच्चे को कुपोषण से दूर रखने के लिए शासन ने अभियान चला रखा है।
गर्भवती महिलाओं को लाल और किशोरियों को नीले रंग की गोली वितरित की जाती है। शारीरिक जरूरतों के मुताबिक ही ये गोलियां तैयार की जाती हैं। जिले में जांच में करीब 20 हजार गर्भवती महिलाएं एनीमिया पीड़ित हैं। इनमे से करीब छह हजार गर्भवती महिलाएं गंभीर एनीमिया की शिकार मिली हैं।
इनके रक्त में हिमोग्लोबीन की मात्रा सात मिलीग्राम प्रति डेसी लीटर से भी कम है। गर्भवती महिलाओं को दिन में आयरन की एक गोली व गंभीर एनीमिया पीड़ित को दिन में दो गोली देने का प्रावधान है। स्वास्थ्य विभाग इन गोलियों को आंगनबाड़ी केंद्रों से वितरित कराता है। हालांकि इन महिलाओं को एनीमियामुक्त करने के लिए कई महीनों से किशोरियों को दी जानें वाली नीली गोली दी जा रही हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के मुताबिक गर्भवती महिलाओं को भी किशोरियों को दी जाने वाली आयरन की गोली दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। सीएमओ डॉ. सुखवीर सिंह के मुताबिक शासन को लाल गोलियों की डिमांड भेज दी गई है।