बिजनौर तहसील में बिल बनाने का प्रशिक्षण लेती स्वयं सहायता समूह की महिलाएं।
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स्वयं सहायता समूह की महिलाएं वसूलेंगी बिल
बिजनौर। शासन ने ग्रामीणों उपभोक्ताओं के लिए अच्छी पहल की है। अब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं गांवों में बिजली के बिल भी बनाएंगी। अभी तक महिलाएं गांवों में बिजली के बिल वसूली कर रही थीं। जिले के 11 ब्लॉक के समूहों की 80 महिलाओं को मशीन व मोबाइल से बिजली बिल तैयार का प्रशिक्षण दिया गया है।
गांवों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं बिजली के बिल वसूली रही हैं। इससे विद्युत निगम की वसूलयाबी सुधरी तथा आय में बढ़ोत्तरी हुई है। शासन ने अब महिलाओं को ग्रामीण उपभोक्ताओं के बिल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे उपभोक्ताओं के बिल नहीं मिलने या गुम हो जाने की शिकायत तो दूर होगी ही साथ ही महिलाओं की आय बढ़ेगी।
अधीक्षण अभियंता जेके गुप्ता ने बताया कि आज 80 स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को बिल बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। महिलाएं बिल मोबाइल फोन से बनाएंगी। इसके अतिरिक्त मशीन से बिल तैयार करने का प्रेक्टिकल भी कराया गया। इससे उपभोक्ताओं की बिल संबंधी शिकायत दूर होगी। वसूलयाबी समय से होगी। निगम की आय बढ़ेगी। महिलाओं के कमीशन में बढ़ोत्तरी होगी।
प्रशिक्षण में एसई जेके गुप्ता के अतिरिक्त निगम के तकनीकी अधिकारी वह जिले की बिजली बिलिंग एजेंसी व राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अधिकारी मौजूद रहे हैं। बताया कि धीरे-धीरे बिल बनाने के लिए समूह महिलाओं की संख्या बढ़ाई जाएगी।
उत्कृष्ट वसूली के लिए एमडी ने महिलाओं को किया पुरस्कृत
बिजनौर। अधीक्षण अभियंता जेके गुप्ता ने बताया कि जिले की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अच्छी वसूलयाबी की है। गांव में निगम की बकाया कम हुई है। इसके लिए पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी ने चांदपुर तथा अफजलगढ़ की महिलाओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया है।