गुलदार के हमले में ही हुई थी महिला की मौत
बिजनौर। गांव चमरू नवादा में पशुओं का चारा लेने जंगल गई महिला की मौत गुलदार के हमले में ही हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जंगली जानवर के हमले में होने की बात सामने आई है। वन विभाग की टीम ने गुलदार को पकड़ने के लिए जंगल में पिंजरा लगवाया है।
27 नवंबर को नगीना देहात थाने के गांव चमरू नवादा निवासी राजपाल की पत्नी शमला देवी जंगल से पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। वहां गुलदार ने शमला देवी को मौत के घाट उतार दिया था। वन विभाग महिला की मौत को हत्या बता रहा था, जबकि मृतका के परिजन गुलदार को अपनी आंखों के सामने महिला के पास देखने का दावा कर रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शमला की मौत जंगली जानवर के हमले में ही होना पाया गया। जिले में गुलदार के हमले में किसी की मौत होने की यह पहली घटना थी। इससे वन विभाग की टीम भी चौकस हो गई है। क्षेत्र के जंगल में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि गुलदार आमतौर पर इंसानों को हमला करके केवल घायल करता है। उसे मारता नहीं है। चमरू नवादा में भी महिला को गुलदार ने खाया नहीं था। अफसरों का मानना है कि गुलदार के सामने आने पर शमला देवी डर गई होगी। उसके हाथ में दरांती थी। उसने गुलदार पर हमला करने की कोशिश की होगी। तब गुलदार ने महिला पर हमला किया होगा। डीएफओ डा.एम सेम्मारन का कहना है कि गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया है। इस मामले में पूरी सतर्कता बरती जा रही है।