बिजनौर में विनायक कालेज में हिंदी दिवस पर गोष्ठी व रैली का आयोजन किया। कालेज के प्रबंध निदेशक राकेश कुमार ने झंडी दिखाकर रैली को कालेज से रवाना किया।
छात्र छात्राओं ने गांव नूर अलीपुर भगवंत में ग्रामवासियों को हिंदी दिवस की महत्ता के विषय में बताया। विद्यार्थियों ने बताया कि हिंदी भारत देश की मातृ भाषा है। रैली में विद्यार्थियों ने हिंदी का सम्मान देश का सम्मान, हमारी स्वतंत्रता कहां है, जहां हमारी राष्ट्रभाषा है, देश की आशा हिंदी भाषा आदि नारों के माध्यम से भी ग्रामीणों को जागृत किया। गोष्ठी का शुभारंभ आरएसएम के सहविभाग प्रचार नागेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि हिंदी भाषा को हिंदुस्तान के बाहर ले जाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाकर भारत को विश्व गुरु बना सकते हैं। जन्म लेने के बाद बच्चा सबसे पहला हिंदी का शब्द मां बोलता है। इस अवसर पर छात्राओं ने कविता पाठ भी किया। कार्यक्रम में खुशबू चौधरी, गायत्री, गुलशन, रुकैय्या, दीपा, श्रद्धा, निशांत व राजन आदि मौजद रहे। वहीं बिजनौर में एमडी कन्या महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने भाषण के रूप में हिंदी का महत्व बताया। कालेज के प्रबंधक डा. विदित कुमार ने हिंदी की सुगमता, वैज्ञानिकता एवं महत्ता पर प्रकाश डाला, तथा छात्राओं को शुद्ध हिंदी बोलने व लिखने को प्रेरित किया। कार्यक्रम में प्रोफेसर शफक रिजवी, प्रीति सोतिया, प्रगति राठी, छवि गर्ग, प्रियंका शर्मा, यशस्वी आदि ने विचार रखे। इस अवसर पर मृद्यांशी, उपासना, प्रतिभा, हिमांशी, रविंद्र, पुष्पेंद्र एवं विक्रम राठी आदि मौजूद रहे। बिजनौर में सिटी डिग्री कालेज हिंदी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ नवेद महमूद ने किया। इस अवसर पर कालेज की प्राचार्या डा. ऊषा त्यागी ने विद्यार्थियों को हिंदी का महत्व बताया और संकल्प दिया कि वह हिंदी लेखन व हिंदी की पढ़ाई अवश्य करें। हिंदी प्रवक्ता कौशल चौहान, कुशलपाल सिंह, वीर बहादुर, अमन शर्मा, योगेश आदि मौजूद रहे।
वहीं बिजनौर में नेहरू युवा केंद्र पर हिंदी दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी राजभाषा और विकास की भाषा विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ डा. मनोज गोस्वामी, डीएवी कालेज के प्रधानाचार्य संजीव कुमार, चंदु सिंह ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती की मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। ललिता, रिंकी और मधु गौड़ ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चंदु सिंह ने कहा की राजभाषा बनने की घटनाओं ओर प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया की हमें अन्य भाषाओं के ज्यादा दर्जा हिंदी भाषा को देना चाहिए और हिंदी का प्रभावशाली भाषा बताकर युवाओं का आत्मसात करने को कहा। प्रतियोगिता में 11 युवा प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में नूरपुर की शुभम वालिया ने प्रथम, जलीलपुर के सोनू लांबा ने द्वितीय, किरतपुर की महिमा राजपूत और नहटौर की रिंकी ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया। संजीव कुमार, डॉ. अरुण गर्ग, पंकज कुमार, पुलकित कुमार, अमित, अंकित व कुमार शिवानी आदि मौजूद रहे। वहीं नगीना। नगीना के सिटी डिग्री कॉलेज में विश्व हिन्दी दिवस के अवसर पर हुए कार्यक्रम में अपनी राष्ट्र भाषा हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हिंदी के प्रयोग पर बल दिया गया। उपस्थित छात्र-छात्राओं ने हिंदी भाषा का अधिकाधिक प्रयोग करने का संकल्प लिया।
बुधवार को सिटी डिग्री कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में कई वक्ताओं ने हिंदी विषय पर अपने विचार रखते हुए दुख जताया कि वर्तमान पीढ़ी अपनी राष्ट्रभाषा हिंदी को नजरअंदाज कर विदेशी भाषा का इस्तेमाल करने में स्वयं को गौरवान्वित महसूस करती है जबकि समाज और देशहित में हिंदी भाषा का प्रयोग देश की संस्कृति बरकरार रखने के लिए बेहद जरूरी है। कालेज अध्यक्ष अदिलुर्रहमान व हिंदी प्रवक्ता कौशल्या चौहान, कुशलपाल सिंह, वीर बहादुर, अमन शर्मा, योगेश कुमार, नवेद महमूद आदि ने हिंदी की उपयोगिता विषय अपने विचार रखे।
कालेज की प्राचार्या ऊषा त्यागी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को अधिकांश हिंदी भाषा का प्रयोग करने का संकल्प दिलाते हुए कहा कि भले ही उनके पास हिंदी, विषय के रूप में न हों पर राष्ट्र के प्रति उनका दायित्व बनता है कि वह हिंदी की पढ़ाई और अपने हिंदी लेखन में सुधार करें और हिंदी भाषा का ही अधिकाधिक प्रयोग करें। प्राचार्या ने कॉलेज में अलग से एक हिंदी पीरियड लगवाने की व्यवस्था करने की भी बात कही। प्राचार्या ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम में एक कविता भी प्रस्तुत की।