नगर निगम के रैन बसेरा के बाहर बैठा युवक
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रात गुजारने के लिए आसरा ढूंढने को अब भटकना नहीं पड़ेगा, सिर्फ एक क्लिक पर ही शेल्टर होम की लोकेशन मिल जाएगी। दरअसल जिलेभर के 23 रैन बसेरों की जानकारी और लोकेशन को गूगल पर अपलोड कर दिया गया है। जिससे गूगल मैप पर ही शेल्टर होम खोजा जा सकेगा। पहली बार ही जिले में यह नई व्यवस्था बनी है।
जिलेभर के अलग अलग शहरों में 23 रैन बसेरे बनाए गए हैं। इनमें शुक्रवार की रात तक 177 लोगों ने ठहराव किया। निकायों की ओर से इन शेल्टर होम की व्यवस्था की गई है। जिनमें बिस्तर, अलाव, पेयजल भी मुहैया हो रहा है।
बीते सालों में रैन बसेरे बना तो दिए जाते थे, लेकिन इनकी लोकेशन की सही जानकारी तमाम लोगों को नहीं मिल पाती थी। इस समस्या का समाधान करने के लिए इस बार तकनीक का सहारा लिया गया। जिला प्रशासन की ओर से गूगल मैप पर इनकी लोकेशन अपलोड की जा चुकी है। गूगल ने भी सत्यापन कर लिया है। जिसके बाद से गूगल मैप पर इन रैन बसेरों की खोज की जा सकेगी।
शहर की गलियों या सड़कों पर यूं ही भटकने की जरूरत नहीं होगी। मोबाइल फोन पर गूगल में सर्च करते ही जिले के सभी रैन बसेरों की लोकेशन एक ही क्लिक पर मिल जाएगी।
जिले में 23 रैन बसेरे बनाए गए हैं। सभी में समुचित व्यवस्था की गई है, इस बार सभी रैन बसेरों की लोकेशन को गूगल पर अपलोड कर दिया गया है। जिसका फायदा यह होगा कि गूगल मैप पर ही इन्हें खोजा जा सकेगा। यात्रियों या अन्य निराश्रित को आसानी से जानकारी मिल जाएगी। -अरविंद कुमार सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व