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रामगंगा बांध क्षेत्र में वन्यजीवों का खतरा बढ़ा

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कालागढ़ के अफजलगढ़ बैराज की पिचिंग पर विचरण करता रॉयल बंगाल टाइगर। - फोटो : DHAMPUR
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रामगंगा बांध क्षेत्र में वन्यजीवों का खतरा बढ़ा
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कालागढ़। कालागढ़ के रामगंगा बांध क्षेत्र में वन्यजीवों का खतरा बढ़ गया है। पुराना कालागढ़ से रामगंगा बांध क्षेत्र में बाघ विचरण करता नजर आ रहा है।
शिवालिक पर्वत क्षेत्रों में मानसून की बरसात के साथ ही वन्यजीव वनों से बाहर निकल कर खुले स्थानों पर विचरण कर रहे हैं। पुराना कालागढ़ से स्टील ब्रिज तक एवं रामगंगा उद्यान से रामगंगा बांध तक मुख्य मार्ग पर बाघ देखा जा रहा है। रामगंगा उद्यान के निकट हाथी के झुंड एवं अन्य वन्यजीव नजर आ रहे हैं। सैडिल बांध मार्ग पर भी हाथी और बाघ देखे जा चुके हैं। वन्यजीवों के बड़ी संख्या में वनों से बाहर आबादी क्षेत्र में विचरण करने से किसी अप्रिय हादसे की आशंका बन गई है। हालांकि रामगंगा बांध प्रशासन बांध क्षेत्र में बाहरी लोगों की भ्रमण की अनुमति 15 जून से ही बंद कर चुका है, फिर भी बांध क्षेत्र में विभागीय कार्यों से जाने वाले परियोजना कर्मी एवं श्रमिक को खतरा है। वहीं उन्हें आबादी में आने से रोकने के लिए वन विभाग की ओर से अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। उधर, कालागढ़ स्थित कार्बेट टाइगर रिजर्व के वन क्षेत्राधिकारी राकेश कुमार भट्ट ने बताया कि बरसात के दिनों में वन्यजीव जंगलों में मक्खी एवं मच्छरों से बचने के लिए खुले स्थान ढूंढते हैं। अक्सर यह जीव सड़कों पर आ जाते हैं। कहीं यदि वन्यजीव नजर आते हैं तो अपने आप को सुरक्षित रखते हुए सूचना वन विभाग को दी जाए। कालागढ़ में वन्यजीवों की सुरक्षा एवं नागरिकों की सुरक्षा के लिए गश्ती दलों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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