आबादी की ओर आ रहे वन्यजीव
कालागढ़। वन विभाग की उदासीनता के चलते वन्यजीव आबादी क्षेत्र में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्ती दल अक्सर नदारद रहते की वजह से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
कालागढ़ से लगे इलाकों में बाघ, गुलदार, हाथी विचरण करते रहते हैं। यह इलाका कार्बेट टाइगर रिजर्व, अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एवं साहूवाला आरक्षित वन क्षेत्र के जंगलों से लगा हुआ है। सर्दी में बड़ी संख्या में वन्यजीव जंगल को छोड़कर कालागढ़, भिक्कावाला, जामनवाला, मीरापुर, कल्लूवाला, मालोनी, लालबाग आदि क्षेत्रों में विचरण करते रहते हैं। इन दिनों पुराना कालागढ, नई कालोनी में गैस गोदाम के पीछे, नई बस्ती, मुरलीवाला फार्म क्षेत्र में वन्यजीव दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन्यजीवों के आबादी क्षेत्रों में आ जाने से जान माल का नुकसान होता है। मंगलवार रात जामनवाला में एक किसान को हाथी ने उस समय मार डाला जब वह खेतों की रखवाली कर रहा था। शाम होते ही सूखास्रोत, भिक्कावाला नहर को पार कर सीमावर्ती इलाके में आ जाते हैं। इन जीवों को वनों में ही रोके जाने का कोई इंतजाम नहीं हैं।
क्षेत्र के लोग पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पति मलकीत सिंह, प्रधान राखी काला, प्रधान के पति विनोद काला आदि की शिकायत है कि वन्यजीवों को वनों में ही रोके जाने को अनेक बार वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किए, पत्र लिखे पर कोई फायदा नजर नहीं आया। कार्बेट टाइगर रिजर्व के गश्ती दल भी अक्सर सीमा से नदारत रहते हैं। कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि गश्ती दल वन्यजीवों को रोकने का प्रयास करते हैं पर वह खेतों में पहुंच ही जाते हैं। शमशुद्दीन असंारी, सुनील कुमार, आसिफ आदि का कहना है कि बाघ पुराना कालागढ़ की भिक्कावाला नहर, कुलदीप कुमार, मुकेश कुमार का कहना है कि मुरलीवाला फार्म व नई कालोनी निवासी संजय व राजीव का कहना है कि देवालय के पीछे बाघ के दहाड़ने की आवाज से दहशत हो रही है।