गर्मी बढ़ी तो धधकने लगे जंगल
कालागढ़। कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों में रात्रि में दूर से ही आग जलती दिखाई दी। वन विभाग ने आग पर नियंत्रण होने का दावा करते हुए बताया कि वनों को आग से बचाने के लिए कंट्रोल बर्निंग की जा रही है। इस दौरान वनों में सूखी घास पत्तियों को जलाकर वनों को आग से बचाने की तैयारी चल रही है।
बढ़ते तापमान एवं गर्म हवाओं ने वन विभाग की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। बुधवार रात शिवालिक पर्वतों पर सोनानदी रेंज के वनों में आग नजर आई। सोना नदी के वनों में लगी आग काफी दूर से ही नजर आ रही थी। ऐसा लगा कि पहाड़ों पर विकराल आग लगी है। जब इस विषय में वन क्षेत्राधिकारी अनमोल ईष्टवाल से बात की तो उन्होंने बताया कि वनों को आग से बचाने के लिए वन विभाग ने कंट्रोल बर्निंग की कारवाई की है। इस कार्य में वनों से अनावश्यक घास पत्तों को एकत्रित करके जलाकर आग फैलने को रोकने का काम किया जा रहा। तेज हवा से यह आग दूर से ही सुलगती हुई दिखाई दी। वनों में लगी है आग नियंत्रण में है इससे वन एवं वन्य जीवों को किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है।
कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ वन क्षेत्र में कालागढ़, झिरना एवं ढेला रेंज के वनों में आग नियंत्रण के लिए बनाए गए क्रू सेंटर रात दिन वनों पर निगाह रखे हुए हैं। कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी आरके भट्ट के अनुसार वनों में कहीं से भी आग की कोई सूचना नहीं है। गश्ती दल वनों में सक्रिय हैं। वनों से बाहर आए वन्य जीव मौसम के गर्म होते ही वनों से वन्यजीवों का बाहर आना शुरू हो गया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व एवं कालागढ़ टाइगर रिजर्व के वनों से नीलगाय हिरन जैसे जीव चारे की तलाश में वनों से बाहर आकर निकटवर्ती खेतों में भोजन तलाशने में लग गए हैं। कालागढ़ के खेतों में यह जीव दिखाई दे रहे।
वनों में जीवों के लिए किसी चीज का टोटा नहीं
कुंदन सिंह खाती का कहना है वनों में न तो चारे की कमी है और न ही पानी की। वन्यजीवों के पानी पीने के लिए बनाए गए वाटर होल में पर्याप्त पानी मौजूद है। वन्यजीव क्षेत्र में विचरण करते हैं यह उनका स्वभाव है। ऐसे में जीवो से दूरी बनाकर रखें।
- कुंदन सिंह खाती, उपप्रभागीय वन अधिकारी, कालागढ़