बिजनौर में केंद्र में आरक्षण बहाल कराने को लेकर जाटों ने दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया और धरना देकर बैठ गए। जाटों ने केंद्र में आरक्षण न मिलने पर देश में गदर मचाने और विधानसभा चुनाव में भाजपा का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। चक्का जाम से वाहनों के पहिये थम गए। यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम को भाकियू ने भी समर्थन दिया।
राष्ट्रीय जाट महासंघ ने भी खट्टर सरकार का पुतला फूंका।
जाट समाज के लोग प्रदर्शनी मैदान में एकत्र हुए और केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में दिल्ली-पौड़ी नेशनल हाईवे पर पहुंचे। जाटों ने बाईपास तिराहे के पास जाम लगा दिया और करीब साढ़े 11 बजे धरना देकर बैठ गए। भाकियू के वेस्ट यूपी प्रभारी राजेंद्र सिंह ने खट्टर सरकार की बर्खास्तगी की मांग की। उन्होंने आरक्षण बहाल न होने पर यूपी में होने वाले विधान सभा चुनाव में भाजपा का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। ब्रजवीर सिंह ने कहा अगर जाटों को आरक्षण नहीं मिला तो यूपी में भी हर जगह जाम लगाकर हरियाणा से भी बुरा हाल कर दिया जाएगा और पूरे देश में गदर मचा दिया जाएगा। सेवानिवृत्त डीएसपी महेंद्रपाल सिंह ने खट्टर सरकार को जाट विरोधी बताया। पूनम चौधरी ने कहा कि जाट अपने बेटों को तिलक लगाकर देश की रक्षा करने भेजते हैं। मां भी अपने बेटों को उनका हक दिलाने में पीछे नहीं हटेंगी। विजयदीप बब्लू व जिला पंचायत सदस्य साकेंद्र प्रताप सिंह ने आरक्षण को जाटों का हक बताया।
जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह ने कहा कि जाटों को उनका हक नहीं मिला तो छीन लिया जाएगा। करीब दो बजे राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त मजिस्ट्रेट पीके सिंह को सौंपते हुए जाटों को केंद्र में आरक्षण देने, आंदोलन में मारे गए जाटों के परिजनों को दो करोड़ का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने, हरियाणा की खट्टर सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। धरने की अध्यक्षता हरपाल सिंह व संचालन राहुल देशवाल व निपेेंद्र देशवाल ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान अनंत चौधरी, आशीष तोमर, अंकित, नीरज चौधरी, लाल सिंह, भाकियू जिलाध्यक्ष रामअवतार सिंह आदि मौजूद रहे।
वहीं राष्ट्रीय जाट महासंघ ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे जाटों पर गोली चलवाने का आरोप लगाते हुए हरियाणा की खट्टर सरकार का पुतला फूंका। विवेक चौधरी, सौरभ चौधरी, मनोज कुमार आदि मौजूद रहे।
एआरटीओ प्रवर्तन भी फंसे
जाटों के धरने में एआरटीओ प्रवर्तन रमेश चौबे भी फंस गए। जाट नेताओं ने उनकी गाड़ी भी निकलने नहीं दी। वे करीब दो घंटे तक जाम में गाड़ी में ही बैठे रहे।
नहीं रोके एंबुलेंस
जाम के दौरान अंतिम यात्रा वाहन और एंबुलेंस को नहीं रोका गया। इन वाहनों के आते ही धरने से उठकर इनको पास कराया गया।
लेकर रहेंगे आरक्षण
कोतवालीदेहात। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले जाटों ने नेशनल हाईवे 74 नजीबाबाद कोतवाली मार्ग पर 12 बजे जाम लगा दिया। जिलाध्यक्ष यशवीर सिंह ने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है कि किसी को कोई अधिकार देकर छीन लिया जाएगा। जाट इसको बर्दाश्त नहीं करेंगे। शिवपाल सिंह ने आरक्षण को जाटों का हक बताते हुए इसे लेकर रहने की बात कही। करीब एक बजे राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन नगीना एसडीएम अंजूलता को सौपा। चक्का जाम से राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान वीर सिंह, समरपाल सिंह, हेमेंद्र सिंह, दीपेश कुमार आदि मौजूद रहे।
आरक्षण लेकर रहेंगे नारे गूंजे
नांगलसोती/नजीबाबाद में नांगल के गांव हरचंदपुर में संदीप तोमर, दिगंबर सिंह, अजय कुमार, दिनेश कुमार के नेतृत्व में जाट समाज आरक्षण को लेकर नांगल-चंदक मार्ग जाम किया। प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा में जाटों को आरक्षण दिए जाने के शांतिप्रिय आंदोलन को हिंसकबनाने के लिए हरियाणा सरकार को दोषी ठहराया। जाट प्रतिनिधियों ने कहा कि हरियाणा में आरक्षण को लेकर जाट समाज का बलिदान बेकार नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जाट समाज आरक्षण के लिए आर-पार की लड़ाई जारी रखेगा। प्रदर्शन में सत्यपाल सिंह, राजीव कुमार, नागेंद्र सिंह, पवन कुमार ने भाग लिया। प्रात: 11 बजे शुरू हुआ धरना प्रदर्शन 1 बजे तक रहा।
आंदोलन की बनाएंगे रणनीति
बिजनौर में संयुक्त जाट आरक्षण संघर्ष संघर्ष समिति प्रदेश अध्यक्ष शूरवीर सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि हरियाणा में आरक्षण मांग रहे बेगुनाह जाटों पर गोली बरसाई जा रही है। इसके खिलाफ 22 फरवरी को शहनाई बैंक्वेट हॉल में आयोजित सभा में रणनीति बनाई जाएगी। आरक्षण बहाल कराने को आंदोलन चलाने के लिए जिले में 21 सदस्यों की कमेटी बनाई जाएगी।