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पिछले साल के मुकाबले चार गुना गेहूूं खरीदा

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पिछले साल के मुकाबले चार गुना गेहूूं खरीदा
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बिजनौर। जिले में गेहूं खरीदारी के अंतिम दिन भी खूब किसान गेहूं बेचने को आए। इस बार गेहूं की बंपर खरीदारी हुई। गेहूं खरीद की तिथि बढ़ाने के दौरान जिले के बाकी खरीद केंद्र बंद कर दिए गए थे। केवल आठ केंद्रों पर ही गेहूं खरीदा जा रहा था। आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार पिछले साल के मुकाबले चार गुना गेहूं खरीदा गया।
जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीदारी शुरू हुई थी। पहले 15 जून तक गेहूं की खरीदारी होनी थी, जिसे शासन ने बढ़ाकर 22 जून कर दिया था। जिले में गेहूं खरीद के लिए 48 खरीद केंद्र बनाए गए थे। एक खरीद केंद्र चालू नहीं हुआ। 47 केंद्रों पर गेहूं खरीदा जा रहा था। 22 जून को खरीद केंद्र की तिथि बढ़ाने के साथ जिले के 39 खरीद केंद्र बंद कर दिए गए। केवल मार्केटिंग के नजीबाबाद, पेद्दा, चांदपुर, नूरपुर, स्योहारा, नगीना व अफजलगढ़ खरीद केंद्र चालू रहे। इन केंद्रों पर खरीदारी होती रही। इस बार गेहूं की बंपर खरीदारी हुई। मंगलवार को अंतिम दिन सुबह से किसानों का गेहूं बेचने के लिए आना जाना लगा रहा। शाम पांच बजे तक जिले में 35276.148 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदारी हुई। बचे हुए किसानों का गेहूं खरीदने के लिए शाम तक व्यवस्था की गई है। जिले के 944 किसानों ने इस बार सरकारी केंद्रों पर 1975 रुपये प्रति क्विटंल की दर से गेहूं बेचा है जबकि खुले बाजार में 1600 से 1700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं बिक रहा है।
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गेहूं की बंपर खरीदारी से अधिकारी खुश
जिले में इस बार गेहूं की खरीदारी पिछले साल के मुकाबले चार गुना से ज्यादा हुई हैं। पिछले साल 8604 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था पर इस बार गेहूं की बंपर खरीदारी हुई हैं। गेहूं की खरीदारी बंपर होने से अधिकारी भी गदगद हैं। पिछले साल बारिश ने गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया। मौसम की मार की वजह से भीगा गेहूं खरीदने को कोई तैयारी नही था। सरकारी खरीद केंद्रों पर भीगा गेहूं खरीदने से हाथ खड़े कर दिए गए थे। किसानो ने मजबूरन खुले बाजार में गेहूं बेचा था। इस बार बारिश आने से पहले ही किसानों का गेहूं घरों में सुरक्षित पहुंच गया था।
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जिला खाद्य एवं विपरण अधिकारी धनश्याम वर्मा के मुताबिक इस बार गेहूं की बंपर खरीदारी हुई है। किसानों ने सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचना पसंद किया, जहां किसानों को अच्छे दाम मिले हैं।
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