फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: इस सीजन की सबसे ठंडी रही बुधवार की रात

विज्ञापन
बिजनौर में गर्म कपड़ाें में लिपटकर जाती छात्राएं।
विज्ञापन
-बुधवार को 11 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली शीतलहर
विज्ञापन

-सुबह छाया घना कोहरा, दोपहर में खिली धूप
-शीतलहर चलने से सर्दी में ठिठुरते रहे लोग
-10.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया
-3.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान बुधवार को रहा

संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। सर्दी का सितम अभी कम नहीं हो रहा है। आए दिन तापमान में कमी देखने को मिल रही है। इस सीजन में बुधवार की रात की सबसे ठंडी रही। सुबह और शाम लोगों की सर्दी से कंपकंपी छूटती रही। दोपहर में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी देर के लिए सर्दी से राहत मिली।


जिले में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। जिससे सर्दी अपना असर दिखा रही है। वेदर डॉट कॉम के अनुसार बुधवार को शीतलहर 11 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली। वहीं सुबह के समय घना कोहरा छाने से आवागमन भी प्रभावित हुआ। कोहरे में दृष्यता कम होने से पास के वाहन भी नजर नहीं आ रहे थे। शीतलहर चलने से लोगों के पूरे दिन हाथ-पैर सुन्न रहे। दोपहर में धूप निकली तो लोगों को सर्दी से कुछ देर के लिए राहत मिली।
विज्ञापन

मगर शाम होते ही लोग सर्दी से ठिठुर गए। बुधवार को अधिकतम तापमान 10.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जिले में न्यूनतम तापमान अभी तक इतना कम नहीं हुआ। नगीना स्थित कृषि वेधशाला के प्रेषक सतीश कुमार का कहना है कि रात के तापमान में अभी और गिरावट होने की संभावना है। जिसकी वजह से सर्दी का प्रकोप कम नहीं होगा।
विज्ञापन


जिले में पिछले एक सप्ताह का तापमान-
तारीख- अधिकतम तापमान- न्यूनतम तापमान
17 जनवरी- 12- 4.4
18 जनवरी- 10- 4.9
19 जनवरी- 9.8- 5
20 जनवरी- 12.8- 6.2
21 जनवरी- 8.6- 3.9
22 जनवरी- 10- 4.5
23 जनवरी- 10- 3.9
24 जनवरी- 10.2- 3.4
नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में है और कृषि वेधशाला से लिया गया है।

कोहरे और पाले से प्रभावित हो रहे फसलों के छोटे पौधे
विषय वस्तु विशेषज्ञ हरज्ञान सिंह ने बताया कि कोहरे और पाले से फसलों के छोटे पौधे व छोटे पेड़ झुलसा जैसी बीमारी की चपेट में हैं। फसलों के बचाव के लिए खेत में हल्की सिंचाई करें। फलदार, छायादार के छोटे पौधों को भी पत्ती आदि से छाया करें। गेंहू, सरसों, आलू, बरसीम की फसल की हल्की सिंचाई करें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें