बिजनौर में वेव ग्रुप की बिजनौर व चांदपुर चीनी मिल को शासन से सॉफ्ट लोन स्वीकृत हो गया है। इससे किसानों का पिछला बकाया भुगतान 31 जनवरी तक मिल जाएगा। इसके अलावा चालू पेराई सत्र के भुगतान के लिए सीसी लिमिट भी मंजूर की जा रही है। किसानों का नए साल का भी 14 दिन से पहले तक का भुगतान भी 31 जनवरी तक ही मिलने का अनुमान है। भुगतान के लिए भाकियू का आंदोलन कई दिन से चल रहा था। सोमवार को भाकियू ने जिले की पांचों तहसीलों पर कब्जा कर तालाबंदी कर दी थी। अधिकारियों द्वारा 31 जनवरी तक समस्त भुगतान देने के आश्वासन पर किसानों का धरना समाप्त हो गया।
पिछले साल का बिजनौर चीनी मिल पर 26.50 करोड़ तथा चांदपुर चीनी मिल पर 35.63 करोड़ रुपया बकाया है। इसके अलावा चालू पेराई सत्र का भी बहुत कम भुगतान चीनी मिल द्वारा किया गया है। गन्ना भुगतान को लेकर भाकियू का धरना कई दिन से चांदपुर तहसील में चल रहा था। सोमवार को भाकियू ने जिले की पांचों तहसील बिजनौर, चांदपुर, धामपुर, नगीना, नजीबाबाद पर कब्जा करते हुए तालाबंदी कर दी। बिजनौर तहसील में भी किसानों ने कर्मचारियों से कक्षों की चाबी लेकर उन्हें बाहर निकालकर ताला लगा दिया। आधे कर्मचारियों ने किसानों के आंदोलन को देखते हुए खुद ही अपने कक्षों में ताला लगा दिया। किसानों ने कहा कि कई दिन से दिए जा रहे आंदोलन के बाद भी किसानों को गन्ना भुगतान नहीं दिया जा रहा है। भुगतान न मिलने से किसानों को आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। धरने का नेतृत्व सुनील प्रधान, अध्यक्षता जितेंद्र सिंह व संचालन विकास कुमार ने किया। करीब चार बजे दिगंबर सिंह ने किसानों को फोन कर बताया कि एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़, एसडीएम विनोद यादव, सीओ राकेश श्रीवास्तव ने बताया है कि मिल का सॉफ्ट लोन स्वीकृत हो गया है। इसके अलावा चालू पेराई सत्र के भुगतान के लिए कैश क्रेडिट लिमिट भी मंजूर हो रही है। किसानों का पिछले साल का समस्त रुका भुगतान व वर्तमान पेराई सत्र का 14 दिन पहले तक का भुगतान किसानों के खातों में एकमुश्त 31 जनवरी तक भेज दिया जाएगा। दिगंबर सिंह ने बताया कि बिजनौर, नगीना, नजीबाबाद व धामपुर तहसील में धरना समाप्त कर दिया है। चांदपुर चीनी मिल में अभी धरना चलता रहेगा। चांदपुर में लुधियान सिंह, रामपाल सिंह, कल्याण सिंह, नौबहार सिंह, राकेश प्रधान, अशोक कुमार, दलेल सिंह, खुशपाल सिंह, मुखिया रामफल सिंह, उस्मान, अय्यूब, गजराम सिंह, सुधीर कुमार आदि रहे।
तहसील कार्यालय में तालाबंदी कर की नारेबाजी
नगीना। भाकियू के बैनर तले किसान गन्ना समिति से नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और तहसील कार्यालय में तालाबंदी कर नारेबाजी की। तालाबंदी के बाद अधिकारी अपने अपने कार्यालयों से बाहर चले गए साथ ही अपनी समस्याओं को लेकर तहसील पहुंचे लोग भी घरों को लौट गए। किसानों ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शाम को किसानों का धरना समाप्त हो गया। अध्यक्षता इंतजार अहमद व संचालन बलजीत सिंह ने किया। इस दौरान समरपाल सिंह, बलजीत सिंह, धर्मवीर सिंह, नितिन सिरोही, आलोक चौहान मौजूद रहे।
एकमुश्त भुगतान से होगा लाभ
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने बताया कि गन्ना भुगतान के लिए मिलों पर काफी प्रयास कर रखा है। मिल के अधिकारियों ने 31 जनवरी तक भुगतान करने का आश्वासन दिया है। सीसी लिमिट मंजूर होने से किसानों का एकमुश्त भुगतान होगा और किसानों को लाभ होगा।
कार्यालयों पर किसानों ने की तालाबंदी
नजीबाबाद में भाकियू ने जिलाध्यक्ष के आह्वान पर तहसील में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया। प्रदर्शनकारी किसानों ने एसडीएम, तहसीलदार, पूर्ति कार्यालय सहित विभिन्न कार्यालयों पर ताले लटका दिए। प्रदर्शन के दौरान केवल एसडीएम कार्यालय के भीतर अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। बाकी सभी कार्यालय के कर्मचारियों को किसानों ने बाहर निकालकर तालाबंदी की।
भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष मदन सिंह चौहान, ब्लॉक महामंत्री अवनीश कुमार के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। किसान नेता एवं ग्राम प्रधान सरदार इकबाल सिंह की अध्यक्षता में किसानों ने सभा करते हुए बिजनौर और चांदपुर मिलों द्वारा किसानों का बकाया भुगतान न करने, जट्टीवाला स्टोन क्रेशर संचालकों द्वारा अनाधिकृत रूप से स्टोन क्रेशर संचालित करने, क्षेत्रवासियों को धमकाने सहित बिजली अधिकारियों द्वारा बकाया भुगतान को लेकर किसानों का उत्पीड़न करने का मुद्दा उठाया। प्रांतीय उपाध्यक्ष चौ.बलराम सिंह, सरदार इकबाल सिंह, ठाकुर गजेंद्र सिंह, बाबूराम तालान, अवतार सिंह, होशियार सिंह, रूकन सिंह, अजय पाल, पवन चौधरी, बेगराज सिंह, जोगेंद्र सिंह, साहब सिंह, अर्जेंद्र, राजीव, सुखराम सिंह, करण सिंह, नरदेव, सत्यपाल सिंह के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन करते हुए तहसील के विभिन्न कार्यालयों पर तालाबंदी कर दी।
किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने डॉ.पंकज कुमार वर्मा की उपस्थिति में नजीबाबाद चीनी मिल प्रधान प्रबंधक दानवीर सिंह, उत्तम शुगर मिल के अधिकारियों, विद्युत निगम तथा क्षेत्र के कई विभागों के अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। प्रधान प्रबंधक ने किसान सहकारी चीनी मिल नजीबाबाद का दिसंबर 2018 तक भुगतान किसानों को जारी करने की जानकारी दी है। किसानों की ओर से एसडीएम को दिए गए ज्ञापन में जट्टीवाला में अवैध रूप से संचालित स्टोन क्रेशर तत्काल बंद कराने की मांग का ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने स्टोन क्रेशर के अवैध रूप से संचालन तथा मार्ग को क्षति पहुंचने की किसानों की मांग की जांच स्वयं करने का आश्वासन दिया।
भाकियू कार्यकर्ताओं और सीओ में नोकझोंक
धामपुर में भाकियू कार्यकर्ताओं ने गन्ना मूल्य का निर्धारित अवधि 14 दिन के भीतर न होने की स्थिति में मय ब्याज भुगतान दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। तहसीलदार व एसडीएम के कार्यालय में तालाबंदी की। कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए जब सीओ धामपुर के कार्यालय में तालाबंदी का प्रयास कर रहे थे तो इस दौरान सीओ ने कार्यकर्ताओं को कार्यालय के बाहर ही रोक लिया। जब कार्यकर्ताओं ने तालाबंदी की जिद करने का प्रयास किया तो इस दौरान सीओ और कार्यकर्ताओं की तीखी नोकझोंक हुई।
सोमवार के तहसील अध्यक्ष देवराज सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता किसानों की विभिन्न समस्याओं का निदान कराने की मांग को लेकर तहसील पहुंचे और वहां पर दरी बिछाकर सरकार के खिलाफ धरने देकर बैठ गए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब प्रदेश और केंद्र में भाजपा सत्ता में आई है, किसानों का दिवाला निकाल कर रख दिया है। विपक्ष में रहते हुए दावा करती थी कि उनके सत्ता में आने के बाद किसानों के अच्छे दिन आएंगे।
किसानों के तो आज तक अच्छे दिन नहीं आ सके, पर सत्ता में आने के बाद भाजपा के अच्छे दिन जरूर शुरू हो गए है। किसानों का उनके गन्ना मूल्य का समय से भुगतान भी दिलाने में सरकार पूरी तरह से फेल है। राष्ट्रीय आह्वान पर तहसीलदार भान सिंह और एसडीएम कुंवर वीरेंद्र कुमार मौर्य के कार्यालयों में तालाबंदी। इस दौरान कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
नायब तहसीलदार तालाबंदी होती देख अपने कार्यालय से निकल कर इधर उधर हो गए। इसके बाद जब कार्यकर्ता नारेबाजी कर सीओ कार्यालय में तालाबंदी करने का प्रयास कर रहे थे तो सीओ कार्यालय में बैठे हुए थे। किसानों को तालाबंदी को कार्यालय की ओर आता देख सीओ बाहर निकले और कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया। पर किसान नहीं माने। कार्यकर्ताओं ने तालाबंदी को भाकियू नेताओं का आदेश बता हठ करने का प्रयास किया तो इस दौरान सीओ और कार्यकर्ताओं की तीखी नोकझोंक हुई। सीओ की सख्ती को देख को तालाबंदी का प्रयास कर रहे कार्यकर्ता बैकफुट पर आ गए। देवराज सिंह, ब्लाक अध्यक्ष दुष्यंत कुमार, कविराज सिंह, गजेंद्र सिंह, हरिराज सिंह, चेतन सिंह, गजराज सिंह, रामकुमार, रघुवीर सिंह, दर्शन सिंह फौजी, सतेंद्र कुमार , सोनू चौधरी, कृपाल सिंह, हरपाल सिंह रहे।
भाकियू अंबावत ने तहसील में किया प्रदर्शन, मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
नजीबाबाद में भाकियू अंबावत ने जमीन विक्रय करने की परमिशन देने, 60 वर्ष आयु के किसानों को पेंशन देने तथा स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने सहित विभिन्न समस्याओं को लेकर तहसील में प्रदर्शन किया। किसानों ने दो टूक कहा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया तो किसान आंदोलन करने को विवश होंगे। भारतीय किसान यूनियन (अ) के जिलाध्यक्ष चौधरी विजय सिंह सहरावत के नेतृत्व में किसान एसडीएम कार्यालय पहुंचे। किसानों ने मुख्यमंत्री का संबोधित 11 सूत्रीय मांग का एक ज्ञापन एसडीएम डॉ.पंकज कुमार वर्मा को सौंपा। ज्ञापन में किसानों ने हरिजनों को जमीन विक्रय करने की नियमानुसार परमिशन दिलाई जाए, चीनी मिलों से किसानों का शत-प्रतिशत बकाया गन्ना भुगतान मय ब्याज के दिलाया जाए। बिजली की बढ़ी दरों को वापस लिया जाए, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू की जाए, 60 वर्ष आयु के किसान-मजदूरों को पांच हजार रुपये मासिक पेंशन दिलाई जाए, फसलों की सिंचाई के लिए नहरों में पानी छुड़वाया जाए, बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण कराया जाए, जंगली-जानवरों से किसानों की फसलों को सुरक्षा प्रदान की जाए, गन्ना सेंटर व मिल पर घटतौली पर अंकुश लगाया जाए, नांगल-चंदक नहर पटरी मार्ग को पक्का कराया जाए सहित कई मांग उठाईं। प्रदर्शनकारियों में शिवकुमार, जसवीर सिंह, नरेंद्र सिंह, पंकज, विनीत, फुरकान, अल्ताफ, आशु पठान, हरि सिंह, धर्मपाल, डॉ.प्रीतम सिंह, नफीस अहमद, महिपाल, देवेंद्र सिंह, इलियास, इमरान, नरेंद्र, सतेंद्र सिंह, सचिन, चमन सिंह, प्रमोद, अतीक, आफताब, टीकाराम सहित अनेक किसान मौजूद रहे।
डीसीओ ने किया गन्ना समिति का निरीक्षण
हल्दौर में डीसीओ ने सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई। इस दौरान उन्होंने मिल के गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों को मोबाइल फोन पर संदेश भेज कर बिना पर्ची के सीधे गन्ने की तुलाई कराने की सुविधा जारी करने के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। यह सुविधा बिलाई चीनी मिल के चार, धामपुर के एक गन्ना क्रय केंद्रों पर चालू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सोमवार को जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने सहकारी गन्ना विकास समिति कार्यालय पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों के गन्ना संबंधी अभिलेखों, कार्यालय में अभिलेखों का रखरखाव, कंप्यूटर में डाटा फीडिंग आदि की बारीकी से जांच की। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद किसानों को बताया कि किसानों को अपना गन्ना क्रय केंद्रों पर तुलवाने के लिए पर्ची प्राप्त होने की प्रतीक्षा नहीं करनी होगी। गन्ना विभाग द्वारा इसके लिए किसानों के मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से पर्ची जारी करने की योजना तैयार की है। इस संदेश में पर्ची का कोड व अन्य जानकारियां दर्शाई गई जाएंगी। किसान अपना गन्ना संदेश में प्राप्त पर्ची के कोड से गन्ना क्रय केंद्र पर गन्ना तुलवा सकते हैं। डीसीओ ने बताया कि यह सुविधा बिलाई चीनी मिल के सहकारी गन्ना विकास समिति हल्दौर के गांव शादीपुरकलां, मुकरपुर गदाई, फरीदपुर सधीरन, ताहरपुर, धामपुर चीनी मिल के शरीफपुर गन्ना क्रय केंद्रों पर शुरू की जा रही है। इस दौरान सहकारी गन्ना विकास समिति सचिव ओमप्रकाश, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रेम सिंह आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
बिलाई मिल ने किया 2.5 करोड़ का भुगतान
हल्दौर में जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार बिलाई चीनी मिल ने चालू गन्ना पेराई सत्र का करीब 2.5 करोड़ रुपये का भुगतान जारी किया है। किसान अपना भुगतान संबंधित बैंकों से प्राप्त कर सकते हैं।