चांदपुर में तहसील में तालाबंदी करके प्रदर्शन करते भाकियू कार्यकर्ता।
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चांदपुर में बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न मिलने से खफा भाकियू कार्यकर्ताओं ने चांदपुर तहसील में अनिश्चितकाल के लिए तालाबंदी कर दी। भाकियू ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने और वेव ग्रुप के कारोबार पर कब्जा करने का एलान किया है। चुनाव बहिष्कार के लिए चुनाव आयोग और सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों को पत्र लिखा जाएगा। छह फरवरी को भाजपा विधायक कमलेश सैनी के आवास पर धरना देने और 11 फरवरी को कलक्ट्रेट में महापंचायत का निर्णय भी लिया गया।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान के लिए दो जनवरी से भाकियू का चांदपुर तहसील में धरना चल रहा है। बुधवार को धरने में जिला कमेटी की बैठक हुई। जिसमें एक महीने के आंदोलन के बाद भी भुगतान न करा पाने पर जिला प्रशासन को खरीखोटी सुनाई गई। इसके बाद किसानों ने तहसील में अनिश्चितकाल के लिए तालाबंदी कर दी। भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने बताया कि चुनाव से पहले सभी पार्टियां किसानों से वादे करती हैं और बाद में किसान की ओर से मुंह मोड़ लेती हैं। इसलिए बैठक में किसानों ने लोकसभा चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया।
चुनाव आयोग को पत्र लिखा जाएगा कि जनप्रतिनिधियों की ओर से किए गए वादों को पूरा न करने के कारण जिले के किसान लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। इसके बारे में सभी दलों के जनप्रतिनिधियों, दलों के जिलाध्यक्षों को भी पत्र लिखा जाएगा। दिगंबर सिंह ने बताया कि छह फरवरी को चांदपुर विधायक कमलेश सैनी के आवास पर किसान धरना प्रदर्शन करेंगे। 11 फरवरी को कलक्ट्रेट में महापंचायत की जाएगी, जिसमें पूरे जिले के किसानों को एकत्र किया जाएगा। बताया कि वेव ग्रुप की बिजनौर और चांदपुर चीनी मिल ने पिछले पेराई सत्र का भी भुगतान नहीं किया है। इसलिए अब किसान वेव ग्रुप के कारोबार पर कब्जा करेंगे। किसानों ने वेव ग्रुप के कारोबार को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। दिगंबर सिंह के अनुसार अब किसानों के हित के लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी। बैठक की अध्यक्षता लुधियान सिंह, संचालन सुनील प्रधान ने किया। बैठक में वीर सिंह, समरपाल सिंह, मोहम्मद याकूब, सत्यवीर सिंह, देवराज सिंह, दुष्यंत राणा, रामौतार सिंह, रामपाल सिंह, कुलदीप सिंह, राकेश प्रधान, कुलदीप सिंह, राजीव कुमार, महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।