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Bijnor News: रामगंगा नदी का बढ़ा जलस्तर, मिर्जापुर-तिपरजोत मार्ग पर तीन फुट पानी

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शेरकोट में मिर्जापुर-तिपरजोत मार्ग पर बहता रामगंगा नदी का पानी। स्त्रोत ग्रामीण
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शेरकोट क्षेत्र के कई गांवों में हजारों बीघा धान और गन्ने की फसलें जलमग्न
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संवाद न्यूज एजेंसी

शेरकोट (बिजनौर)। पहाड़ों पर हो रही निरंतर बारिश से कालागढ़ बांध से छोड़े जा रहे पानी से रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे शेरकोट क्षेत्र के कई गांवों में हजारों बीघा धान और गन्ने की फसलें जलमग्न हो गई है। मिर्जापुर-तिपरजोत मार्ग बाधित होने से लोगों को आवाजाही में भारी दिक्क्त हो रही है। इस मार्ग पर करीब दो फुट से अधिक पानी बह रहा है।
रामपाल सिंह, नन्हे सिंह, सौरभ कुमार, सुमित कुमार, अनूप कुमार, हेमराज सिंह आदि किसानों का कहना है कि इस बार बाढ़ के पानी ने उन्हें बर्बाद कर दिया है। खादर क्षेत्र में लहलहाती धान और गन्ने की फसल को बाढ़ पूरी तरह से निगल गई है। पशु चारा खत्म हो गया है। जब तक खेतों में जमा पानी नहीं सूखेगा, तब तक जौ और बरसीम की बुआई नहीं होगी। मांग करने के बाद भी सरकार की ओर से सुध नहीं ली जा रही है।
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ग्राम प्रधान भनोटी हेमराज सिंह का कहना है कि उनके क्षेत्र में कई गांवों में पानी आना शुरू हो गया है। ग्रामीणों में रामगंगा नदी में पानी के बढ़ रहे जलस्तर को लेकर दहशत है। कालागढ़ के बांध से पांच हजार क्यूसेक पानी रामगंगा नदी में छोड़ा जा रहा है। इससे स्थिति विकट बनी है।
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गांगन नदी के पानी में गिरावट
गांगन नदी के पानी में गिरावट आने से किसानों से राहत की सांस ली है। गांव मौरना के लोगों का कहना है कि ऐसी बाढ़ उनके क्षेत्र में आज तक नहीं आई। क्षेत्र के गांव उमरी, खदाना, भवानीपुर तरकौला, चाकरपुर के ग्रामीणों का कहना है कि गांगन नदी में आई बाढ़ से धामपुर-नूरपुर मार्ग बदहाल हो गया है।
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