- पानीपत-खटीमा हाइवे पर पुल निर्माण न होने से बिगड़े हालात
- हाईवे के ऊपर से पानी बहने से यातायात भी बाधित हो गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बरूकी (बिजनौर)। पानीपत-खटीमा हाइवे पर गांव शादीपुर के पास करीब डेढ़ साल पहले बान नदी के तोड़े गए पुल का निर्माण नहीं हो सका है। नतीजा यह हुआ कि नदी में पानी बढ़ने से क्षेत्र की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई है। हाईवे के ऊपर से पानी बहने से यातायात बाधित हो गया है। चालक जैसे-तैसे कर को वाहनों को ले जा रहे हैं।
पानीपत-खटीमा हाईवे (907 एडी) पर शादीपुर के पास बार नदी का पुल था। यहीं से किरतपुर और नहटौर को भी सड़क जाती है। हाईवे निर्माण के चलते करीब डेढ़ साल पहले पुराना पुल तोड़ दिया गया था। दो पाइप डालकर अस्थाई कच्चा पुल बनाया गया था। इस पुल से पानी का बहाव पूरा नहीं हो पाता, जिससे बान का पानी क्षेत्र में फैल जाता है। मंगलवार रात्रि बान में पानी का स्तर बहुत बढ़ गया। कच्चे पुल से कम निकासी के कारण क्षेत्र की हजारों बीघा फसल जलमग्न हो गई।
इसके साथ ही विनायक कॉलेज के पास हाईवे के ऊपर से नदी का पानी उतरने लगा। किरतपुर रोड के तिराहे पर करीब 50 मीटर तक तीन से चार फीट ऊंचाई तक पानी उतर रहा है। इसके साथ ही बिजनौर-कोतवाली को आने-जाने वाले वाहन भी जैसे तैसे पर हो पा रहे हैं।
कच्चा मार्ग बन गया तालाब
बिजनौर से कोतवाली तक हाइवे का निर्माण चल रहा है, लेकिन जगह जगह काम रुका पड़ा है। बान के पुल के दोनों ओर भी सड़क नहीं बनी है। विनायक कॉलेज के पास तिराहे पर रास्ता कच्चा और गहरा है। बान का पानी आने से यहां तालाब जैसे हालात हो गए हैं।
पहले भी बिगड़े थे हालात
करीब डेढ़ माह पहले भारी बारिश के कारण यहां मार्ग काफी बदहाल हो गया था। अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद हाईवे अथॉरिटी ने बजरी डलवा दी थी, जिससे आवागमन में कुछ राहत मिली थी। मगर, किरतपुर रोड तिराहे पर गहराई होने के कारण जब भी बान का पानी बढ़ता है, हालात बदतर हो जाते हैं।