बिजनौर में ब्रह्मपुरी रावली रपटे पर बहता मालन नदी का पानी। स्रोत ग्रामीण
बेगावाला। पहाड़ों पर लगातार बारिश के कारण मालन नदी फिर से उफना गई है। रावली और ब्रह्मपुरी के बीच बने रपटे के ऊपर से करीब दो फिट ऊंचाई तक पानी बह रहा है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर रपटे को पार कर रहे हैं।
ग्रामीणों को रपटे पर फिसलने का भी डर बना हुआ है। दस दिन पहले मालन का पानी कम हुआ था। पानी बहने से रपटा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है। क्षतिग्रस्त रपटे में गड्ढे हैं जो पानी के कारण दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीण वेदराम, पवन, विनोद, हीरा, संदीप, पंकज आदि का कहना है कि मालन नदी और रपटे को पार करना खतरे से खाली नहीं है। उनका कहना है कि ग्रामीण लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। उधर, मालन में उफान से पशुओं के चारे की समस्या हो गई है। सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई है।
खेतों का कटान कर रही मालन
मालन नदी खेतों का कटान कर रही है। इससे किसानों को काफी हानि हो रही है। वहीं रावली रपटे से सटे बाबा जाहरवीर मंदिर के पास में मालन भूमि का कटान कर रही है। यह रपटा ही गांव रावली, शहजादपुर, मानसापुर, काजीवाला, भोगपुर, गीदड़पुरा, चाहड़वाला, राजारामपुर, लक्खूवाला, बादशाहपुर आदि को जिला मुख्यालय से जोड़ता है।