बिजनौर में जल्द ही वनरोज यानि नीलगाय को वर्मिंग घोषित किया जा सकता है। घोषित होने के बाद किसान बिना परमिशन लिए अपने खेत में नीलगाय को मार सकेंगे। शर्तानुसार मारने के बाद नीलगाय का शव वन विभाग के सुपुर्द करना होगा। नीलगाय को वर्मिंग घोषित करने से सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी है।
जिले में नीलगाय फसलों को काफी नुकसान पहुंचाती है। नीलगाय के आतंक के चलते किसानों ने जिले में दहलनी फसलों की बुआई बंद कर दी है। फसल नष्ट होने की शिकायतों को चलते शासन जल्द ही प्रदेश भर में वनरोज व सूकर को वर्मिंग घोषित कर सकते हैं। दोनों जानवरों को वर्मिंग घोषित करने पर किसानों को इन्हें मारने की खुली छूट होगी। यदि किसान के अतिरिक्त अन्य कोई व्यक्ति नीलगाय अथवा सूकर को मारेगा, तो वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई होगी। शासन ने वन विभाग से जिले में नीलगाय से होने वाले नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। वन विभाग रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज रहा है।
खेत से बाहर मारने पर होगी कार्रवाई
वर्मिंग घोषित होने पर किसानों को नीलगाय व सूकर को मारने की खुली छूट मिल जाएगी, लेकिन इस छूट के साथ ही एक अन्य शर्त लागू की गई है। नीलगाय को केवल भूमिधर किसान अपने ही खेत की सीमा के अंदर मार सकेगा। खेत से बाहर जाने पर किसान उसे नहीं मार सकेगा। यदि खेत से बाहर किसान नीलगाय अथवा सूकर को मारेगा, तो उस पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत ही कार्रवाई की जाएगी।
बिहार में पहले से है वर्मिंग घोषित
प्रदेशभर में नीलगाय किसानों की फसल को नष्ट कर करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाती है और उन्हें रोकने के लिए अब प्रयास किए जा रहे हैं। बिहार में नीलगाय व सूकर काफी पहले से ही वर्मिंग घोषित है।