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Bijnor News: बालावाली पुल के पहुंच मार्ग को कटान से बचाएगी दीवार, निर्माण शुरू

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बिजनौर में बालावाली पुल के पहुंच मार्ग को गंगा के कटान से बचाने के लिए किया जा रहा दीवार का निर
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- गाइड बंध के साथ साथ पहुंच मार्ग के दोनों और बनाई जा रही पक्की दीवार
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-गंगा की तेज धारा में सड़क के कटने का रहता है खतरा, बरसात में लगाए गए थे मिट्टी के कट्टे

संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/चंदक। यूं तो बालावाली में गंगा नदी पर पुल बनकर तैयार हो चुका है। मगर, अभी पहुंच मार्ग पर पक्की सड़क नहीं बनी है। कच्ची सड़क से ही वाहनों का आवागमन भी जारी है। उधर गंगा की तेज धारा से पहुंच मार्ग को बचाने के लिए दीवार का निर्माण शुरू कर दिया गया है। सड़क के दोनों ओर ढलान लेती हुई दीवार खड़ी की जा रही है, जिससे बरसात में गंगा की तेज धारा सड़क को काटने नहीं पाए।

बालावाली में रेलवे के पुराने पुल से वाहनों का आवागमन हुआ करता था। इस पुल के पास ही प्रदेश सरकार ने एक और पुल बनाया गया है। पुल बनकर तैयार हो चुका है। हालांकि पुल के पहुंच मार्ग पर तारकोल की सड़क बनना बाकी रह गया है। मिट्टी और पत्थर डालकर सड़क का आधार तैयार किया जा चुका है। अब इस पहुंच मार्ग को मजबूती देने के लिए दोनों ओर गाइड बंध और दीवार का निर्माण कराया जा रहा है।
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बता दें कि इस बरसात में गंगा ने रौद्र रूप धारण किया तो सड़क को खतरा पैदा हो गया था। हालांकि उस वक्त विभाग ने मिट्टी के कट्टे भरकर दोनों ओर लगाए थे, जिससे सड़क को किसी तरह से बचाया जा सके। अब कटान से बचाने के लिए स्थाई समाधान किया जा रहा है। दोनों ओर दीवार बनाई जा रही है, वहीं पहुंच मार्ग के दोनों ओर ढलान पर पत्थर भी लगाए जाएंगे। बालावाली में गंगा नदी पर पुल निर्माण के लिए शुरुआत में इसकी लागत 42 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन बाद में बढ़कर 62 करोड़ रुपये हो गई। बढ़े हुए बजट से पुल के गाइड बंध और पहुंच मार्च बनाया जाना था।


60 किमी की दूरी हुई है कम
भले ही बालावाली पुल का पहुंच मार्ग पक्का नहीं हुआ है, लेकिन इससे वाहनों का आवागमन चालू हो गया है। बता दें कि पहले सहारनपुर या रुड़की की ओर से बिजनौर तथा मुरादाबाद की तरफ आने जाने वाला ट्रैफिक हरिद्वार से होकर बिजनौर में प्रवेश करता था। अब बालावाली पुल चालू होने के बाद यह ट्रैफिक सहारनपुर या रुड़की से लक्सर होते हुए सीधे बिजनौर की सीमा में प्रवेश कर रहा है। जिसे हरिद्वार जाने की जरूरत नहीं पड़ रही। पुल चालू होने से 60 किमी की दूरी कम हुई है।
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बालावाली पुल के पहुंच मार्ग के दोनों ओर कटान से बचाने के लिए कार्य कराएं जा रहे हैं। इससे पानी की तेज धारा सड़क को नुकसान नहीं पहुंचा पाए। ...एसके राव, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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