बिजनौर में डीएम जगतराज ने कहा कि चुनाव की तैयारी पूरी है। किसी भी बाहरी व्यक्ति को जिले में नहीं रहने दिया जाएगा। मतदान से पहले होटल व ढाबों पर चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। जिले में किसी भी तरह की गड़बड़ नहीं होने दी जाएगी। हर स्थिति पर प्रशासन की नजर है। अगर किसी ने शांतिपूर्वक चुनाव में व्यवधान डालने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता में कहा कि डीएम ने कहा कि 15 फरवरी को सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। पांच बजे तक जो भी मतदाता लाइन में लगे होंगे, उनके वोट डलवाए जाएंगे। बीएलओ ने मतदाताओं के घर पर वोटर पर्ची पहुंचा दी हैं। कहा कि हर पोलिंग पार्टियों को एक नंबर दिया गया है जो चुनाव आयोग के पास भी रहेगा। हर दो घंटे बाद मतदान में लगे कर्मचारी मैसेज करके स्थिति के बारे में बताएंगे। हर मतदान केंद्र पर रैंप और पानी की व्यवस्था कर दी गई है। चुनाव में लगे कर्मचारियों व मतदाताओं को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। कहा कि बाहरी लोगों को चुनाव से पहले जिले से बाहर निकाला जाएगा। इसके लिए होटल व ढाबों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। कहा कि बीएलओ द्वारा 90 प्रतिशत मतदाता पर्ची बांट दी गई है। मतदान केंद्र के अंदर केवल आरओ द्वारा अधिकृत व्यक्ति ही प्रवेश करेगा। मतदाता शांतिपूर्वक मतदान करें। अगर कहीं भी किसी भी तरह की गड़बड़ करने की कोशिश की गई तो आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
123 थर्ड जेंडर भी डालेंगे वोट
जिले की आठ विधानसभा सीटों पर 25 लाख 42 हजार 529 मतदाता वोट डालेंगे। 13 लाख 56 हजार 673 पुरुष व 11 लाख 85 हजार 733 महिला मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे। 123 थर्ड जेंडर भी वोट डालेंगे।
मतदाताओं को लुभाने पर प्रतिबंध
जिले में धारा 144 लागू है। इसके अंतर्गत पांच से अधिक व्यक्ति एक साथ जमा नहीं होंगे। मतदान से 48 घंटे पूर्व जनसभा, लाउड स्पीकर पर रोक लग जाएगी। मतदाताओं को लुभाने के लिए सामूहिक भोज, शराब, साड़ी आदि सामग्री के वितरण पर प्रतिबंध है।
रहेगी भारी सुरक्षा
डीएम जगतरात के अनुसार चुनाव के लिए जिले में 83 कंपनी पैरामिलीट्री फोर्स, सात कंपनी पीएसी, छह हजार होमगार्ड व छह हजार हैड कांस्टेबल व कांस्टेबल जिले में आ गए हैं। जिले में पर्याप्त मात्रा में फोर्स है।
कर सकते हैं प्रचार
चुनाव प्रचार सोमवार शाम पांच बजे खत्म होने के बाद भी मंगलवार शाम पांच बजे तक पांच-पांच सदस्यों की टोली डोर टू डोर जाकर प्रचार कर सकती है। इस टोली के पास चुनाव प्रचार सामग्री नहीं होनी चाहिए। संपर्क में उनके साथ पांच से कम व्यक्ति होने चाहिए।
अन्य मतदान केंद्रों पर प्रवेश की अनुमति नहीं
मतदान के दिन सांसद व विधायक केवल अपने मत का प्रयोग करने के लिए ही संबंधित मतदान केंद्र में प्रवेश कर सकते हैं। अन्य मतदान केंद्रों पर सांसदों व विधायकों का प्रवेश वर्जित होगा।
केंद्र में दाखिल होने से पहले बंद करना होगा मोबाइल
मतदान केंद्र में मतदाता अपना मोबाइल ले जा सकते हैं, लेकिन उन्हें केंद्र में दाखिल होने से पहले अपना मोबाइल बंद करना होगा। इसके अलावा कोई भी एग्जिट पोल या ओपिनियन पोल का प्रचार नहीं करेगा। मतदान के दौरान सवारी व अन्य कैरियर वाहनों का संचालन जारी रहेगा। मतदान केंद्र से 100 मीटर दूर वाहन पार्क किए जा सकते हैं।
वाहन चस्पा होना चाहिए
मतदान के समय एक वाहन प्रत्याशी के लिए, एक वाहन प्रत्याशी अभिकर्ता व एक पार्टी, प्रत्याशी कार्यकर्ताओं के लिए होगा। वाहन में चालक सहित पांच व्यक्ति ही होंगे। वाहन की विंडो स्क्रीन पर आरओ द्वारा अधिकृत पत्र वाहन चस्पा होना चाहिए।
फोटो पहचान पत्र दिखाना होगा
वोट डालने के लिए मतदाताओं को अपना फोटो पहचान पत्र दिखाना होगा। फोटो पहचान पत्र न होने पर मतदाता वोट नहीं डाल सकता है। डीएम जगतराज के अनुसार चुनाव आयोग द्वारा 12 फोटो आईडी को मतदान करने के लिए मान्यता दी गई है।
1-पासपोर्ट
2-ड्राइविंग लाईसेंस
3-राज्य/केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों/पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों को जारी किए गए फोटो युक्त सेवा पहचान पत्र
4-बैंकों/डाकघरों द्वारा जारी किए गए फोटोयुक्त पासबुक।
5-पैन कार्ड।
6-आरजीआई व एनपीआर द्वारा जारी किए गए स्मार्ट कार्ड।
7-मनरेगा जॉब कार्ड।
8-श्रम मंत्रालय की योजना के अंतर्गत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड।
9-फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज।
10-निर्वाचन तंत्र द्वारा जारी प्रमाणिक फोटो मतदाता पर्ची।
11-सांसदों, विधायकों/विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचान पत्र।
12-आधार कार्ड