बूथों पर समायोजित किए गए मतदाता
बिजनौर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में बढ़े मतदाताओं की संख्या का बूथों पर किया जा रहा समायोजन दावेदारों का खेल बिगाड़ सकता है। जिले के बूथों पर अब तक डेढ़ लाख से अधिक वोटरों का समायोजन हुआ है। इस बार 800 से ज्यादा वोटर बूथ पर वोट नहीं डालेंगे। जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्य पदों के दावेदारों की नए वोटरों के मनमाफिक बूथों पर समायोजित नहीं होने से नींद उड़ी है। दावेदार जोड़तोड़ को लेकर सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के चुनाव एक साथ होने हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में जिला पंचायत सदस्य तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य मतदान करते हैं। इसके लिए दावेदार अपने पक्ष के सदस्य बनवाने के लिए सालों पहले चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर देते हैं। जिले में निर्वाचन आयोग के निर्देश पर नए वोटर बनाने के लिए मतदाता पुनरीक्षण अभियान चला। अभियान में वोटर बनने के लिए अर्ह युवक -युवतियों ने खूब दिलचस्पी ली। वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में 20,88,242 मतदाता थे। पुनरीक्षण अभियान के बाद वर्ष 2021 में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 22,53,198 हो गई है। 2021 में 2015 के मुकाबले एक लाख 64 हजार 956 मतदाता बढ़े हैं।
2015 में 3022 बूथ थे। मतदाताओं की संख्या में वृद्धि होने से बूथ भी बढ़कर 3686 कर दी गई है। निर्वाचन आयोग के अनुसार एक बूथ पर अधिकतम 800 मतदाता होंगे। इसलिए वोटर बढ़ने से बूथों पर बढ़े मतदाताओं के समायोजन करने का काम चला। बताया गया है कि अभियान के अंतर्गत बूथों पर वोटर इधर से उधर किए गए हैं। वोटरों की इस अदला बदली से जिला पंचायत सदस्य तथा क्षेत्र पंचायत सदस्य के दावेदारों का खेल बिगड़ सकता है। दावेदार सालों से चुनावी बिसात बिछाने में लगे हैं। दावेदार जीत हार का गुणा-भाग लगाकर एक एक सीट पर निगाह रखते हैं। दावेदार मनमाफिक बूथों पर बढ़े वोटरों के समायोजन की कोशिशों में लगे थे। बूथ समायोजन के बाद अनेक दावेदारों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। दावेदार जोड़तोड़ के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।
जिला चुनाव कार्यालय प्रभारी सुनील कुमार के अनुसार नए मतदाताओं को बूथों पर समायोजन करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। कुछ नए बूथ बने हैं। निर्वाचन आयोग के मानकों के अनुसार बूथों पर मतदाता रखे गए हैं।
जिला व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष चुनते हैं सदस्य
जिला पंचायत अध्यक्ष व क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य व क्षेत्र पंचायत सदस्य मतदान करते हैं। अध्यक्ष पद तक पहुंचने की सदस्य प्रमुख कड़ी होते हैं। इसलिए दावेदार अपने पसंदीदा सदस्य बनाने के लिए शुरू से ही जोड़तोड़ शुरू कर देते हैं। सदस्य बनने में एक एक वोट को कीमती मानकर बूथों पर मनमाफिक मोहल्लों को लगवाने की कोशिश होती हैं। दावेदारों ने मतदाता पुनरीक्षण अभियान में खूब वोट बनवाए हैं।