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मुद्दे पर खरा उतरने वाले प्रत्याशी को देंगे वोट

Wed, 18 Jan 2017 11:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
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बिजनौर में विधानसभा चुनावी बिगुल बजते ही हर तरह चर्चाओं का माहौल है। हर मतदाता की अपनी शिकायत है और अपनी मांग है। कहीं पेयजल का संकट है तो कहीं पर बारिश के बाद सड़क पर भरा पानी नहीं निकलता है। कहीं पर सड़क नहीं बनी है तो कहीं पर अतिक्रमण से बुरा हाल है। सभी के अपने मुद्दे हैं और अपनी उम्मीदों पर खरा उतरने वाले प्रत्याशी को ही वोट देंगे। बिजनौर में अनाज व सब्जी मंडी के पास व्यापारी आपस में चुनावी चकल्लस में मशगूल रहते हैं। बिजनौर की मंडी पांच दशक से ज्यादा पुरानी हैं, लेकिन सुविधा के नाम पर यहां कुछ नहीं है। टॉयलेट तक नहीं हैं। 
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व्यापारी या उपभोक्ताओं को टॉयलेट जाना हो तो यहां से आधा किलोमीटर दूर पब्लिक टॉयलेट है। एक बारिश हो जाए तो मंडी परिसर कीचड़ का तालाब बन जाती है। अतिक्रमण से बुरा हाल है। मंडी समिति बनाने के लिए बजट मिलने के बाद भी अभी तक जमीन का चयन नहीं हो पाया है।
व्यापारी सुशील जिंदल कहते हैं कि व्यापारियों के लिए कुछ नहीं किया जाता। विधायक वो बने जो व्यापारियों के हितों को भी देखे।
नईम अहमद कहते हैं कि विधायक सबकी सुने। बाजार के विकास का मामला केवल व्यापारियों से ही नहीं बल्कि उपभोक्ताओं से भी जुड़ा हुआ है।
सचिन कर्णवाल के मुताबिक बरसात में सब्जी मंडी कूड़ाघर बन जाती है। विधायक यहां का विकास कराए।
कैलाशचंद का कहना है कि चुनाव में उनकी एकमात्र डिमांड बाजार में टॉयलेट बनवाना है। जो भी उनकी मांग मानेगा, उसी को वोट देंगे।
मोहम्मद इसरार सफाई को सबसे बड़ा मुद्दा मानते हैं। विधायक जो भी बने, शहर की सफाई व्यवस्था का ध्यान रखे।
युवा व्यापारी आकाशदीप  विकास को प्रमुखता देते हैं। वे कहते हैं कि वे पार्टी को नहीं बल्कि प्रत्याशी की विकास की छवि को देखेंगे। 
विकास अग्रवाल का मानना है कि विधायक दबंग हो, अगर जनता कुछ गलत करती है तो विधायक उसे गलत कहने की हिम्मत भी रखे।
सौरभ अग्रवाल व अजय अग्रवाल नवीन मंडी भवन न बनना व्यापारियों व किसानों की प्रमुख समस्या बताते हैं। उनका कहना है कि जो भी मंडी भवन बनवाएगा, उसे वोट देंगे।
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माजिद का कहना है कि शहर में गलत तरीके से बुधवार व रविवार का बाजार भरता है। जो भी इनको खत्म कराएगा, उसको वोट देंगे।
विनोद कुमार व विजय कुमार टूटी सड़कों को मुख्य चुनावी मुद्दा बताते हैं। इससे जनता के साथ साथ व्यापारियों को भी नुकसान है।
युवा व्यापारी निखिल अग्रवाल का मानना है कि बाजार में अतिक्रमण और छेड़छाड़ भी बड़ी समस्या बनती जा रही है। जो भी इसे खत्म कराएगा, उसको ही वोट जाएगा।
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