अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। कहने को तो मेडिकल अस्पताल में हेपेटाइटिस बी और सी के वायरल लोड जांच के लिए दो मशीन लगी हुई हैं। मगर इनका क्या फायदा, जब जांच किट ही नहीं है। एक माह से जांच के लिए सैंपल लैब में रखे हुए हैं। जबकि हेपेटाइटिस सी का इलाज तीन माह का होता है। जांच नहीं होने से मरीज परेशान हैं।
एक ओर तो स्वास्थ्य सेवा बेहतर करने का दावा किया जा रहा है। दूसरी ओर मेडिकल अस्पताल में हेपेटाइटिस की वायरल लोड जांच तक नहीं हो रही है। जिस वजह से लैब में 650 सैंपल बिना वायरल लोड जांच के रखे हुए हैं। अस्पताल में रोजाना 15 मरीज वायरल लोड जांच कराने पहुंच रहे हैं। साथ ही जांच के लिए सैंपल मेरठ मेडिकल कॉलेज भी नहीं भेजे जा रहे हैं।
इसका कारण डाटा ऑपरेटर का नहीं होना है। क्योंकि मेरठ सैंपल भेजने पर मरीजों की लिस्ट तैयार की जाती है। उनकी आईडी लगाते हैं। इसके लिए ऑपरेटर की आवश्यकता है। उधर, जो सैंपल मेरठ गए हैं, उनकी रिपोर्ट भी तीन माह में मिल रही है।
n जिले में इस साल सितंबर तक मिले हेपेटाइटिस के 6508 मरीज : सैय्यद अली शाकिर ने बताया कि जिले में इस सितंबर माह तक हेपेटाइटिस के 6508 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हेपेटाइटिस बी के 59676 सैंपल लिए थे। जिनमें से 1494 मरीज पॉजिटिव मिले। इसके अलावा हेपेटाइटिस सी की जांच के लिए 56899 सैंपल लिए गए थे। इनमें से 5014 मरीज पॉजिटिव मिले। संवाद