- जाति व आय प्रमाण पत्र के लिए चक्कर काटने से निजात
- जिले की 250 ग्राम पंचायतों में नयी व्यवस्था हुई शुरू
बिजनौर। शासन ने ग्राम पंचायत सचिवालयों का सेवा क्षेत्र बढ़ा दिया है। ग्रामीणों को आय व जाति प्रमाण पत्र के लिए तहसील व जिला दफ्तरों के चक्कर लगाने का झंझट खत्म कर दिया गया है। ग्रामीणों को ग्राम पंचायत सचिवालय में ही 207 तरह की सुविधाएं मिलेंगी । जिले की 250 ग्राम पंचायतों में नयी व्यवस्था 18 अप्रैल से लागू हो गई है।
ग्रामीणों को एक छत के नीचे ग्राम स्तर स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करीब 03 साल पहले ग्राम सचिवालय व्यवस्था शुरू हुई। सभी 1123 पंचायतों में ग्राम सचिवालय बने। ग्राम सचिवालय को कंप्यूटर, इंटरनेट आदि इलेक्ट्रिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई । हर सचिवालय में पंचायत सहायक नियुक्त हुए।
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि अभी तक ग्रामीणों को परिवार रजिस्टर की नकल, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र पत्र, राशनकार्ड आदि की सुविधाएं सचिवालय से मिल रही थी। डीपीआरओ ने शासन के निर्देश का हवाला देते हुए बताया कि अब ग्राम सचिवालय से जाति तथा आम प्रमाण पत्र समेत, कृषि, डेरी संचालन का पंजीकरण समेत विभिन्न प्रकार की 207 सुविधाएं मिलेंगी ।
250 पंचायतों में नयी व्यवस्था से काम शुरू
डीपीआरओ सतीश कुमार के अनुसार जिले में 1134 ग्राम पंचायत हैं। सभी में ग्राम सचिवालय संचालित हैं। बताया कि 250 ग्राम पंचायतों में 18 अप्रैल से नयी व्यवस्था से काम शुरू हो गया है। 1000 से अधिक पंचायतों में एक दो दिन में नयी व्यवस्था से काम शुरू हो जाएगा। सभी सुविधाएं ग्राम सचिवालय में तैनात पंचायत सहायक के माध्यम से दी जाएगी। निगरानी ब्लाक व जिला स्तरीय अधिकारी करेंगे। ढील पर कार्रवाई होगी।
सेवा शुल्क तय
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को कोई भी प्रमाण पत्र लेने के लिए शासन ने सेवा शुल्क निर्धारित कर दिया गया है यह। एक सेवा का सेवा शुल्क 30 रुपये है। ग्रामीण को सेवा शुल्क की रसीद मिलेगी। संवाद शुल्क में ली गई सेवा का पूरा विवरण अंकित होगा । यदि कोई अधिक पैसा मांगता है तो ग्रामीण उसकी सूचना डीपीआरओ कार्यालय में दें। सेवा प्रकरण सचिवालय से अगली कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को भेजा जाएगा।