कालागढ़ से खादर के गांवों को जाता कच्चा रास्ता। स्रोत : संवाद।
फोटो: कालागढ़ से खादर के गांवों को जाता कच्चा रास्ता।
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़। कालागढ़ से रामगंगा के खादर के गांवों को जाने वाले ग्रामीणों को सड़क न बनने से परेशानी हो रही है। ग्रामीणों को वन्यजीवों के बीच से रेतीले व पथरीले रास्ते से होकर जान हथेली पर रखकर गुजरना पड़ता है।
कालागढ़ से रामगंगा नदी के खादर क्षेत्र में बसे गांवों के लोगों को स्टील ब्रिज के निकट सड़क नहीं बनने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वतंत्रता के बाद से ही रामगंगा नदी के खादर क्षेत्र में बसे ग्रामीण अनेक समस्याओं का सामना करते चले जा रहे हैं। इस क्षेत्र के ग्रामीणों को बाजार, चिकित्सा, माध्यमिक शिक्षा की सुविधाओं के लिए कालागढ़ आना जाना पड़ता है।
कालागढ़ में स्टील ब्रिज से कुआंखेड़ा खद्री की ओर जाने वाले रास्ते का कुछ हिस्सा पथरीला और रेत से भरा हुआ है। इस मार्ग के निर्माण की मांग लंबे समय से ग्रामीण करते चले आ रहे हैं। राजनीतिज्ञ इस क्षेत्र के ग्रामीणों का फायदा केवल चुनाव के दौरान वोट लेने में ही करते हैं। ग्रामीण सीमा कौर, राधा कौर, सानिया, सविता, रेखा देवी आदि का कहना है कि बरसात के दिनों में तो भारी परेशानी होती है। रात्रि में मरीजों को कालागढ़ लाना ले जाना टेड़ी खीर है। सुबह और शाम को इन रास्तों पर बाघ, गुलदार हाथी जैसे जीव सक्रिय रहते हैं। अक्सर ग्रामीणों का सामना हिंसक जीवों से होता रहता है। दोपहर में अक्सर यहां भालू भी विचरण करने लगता है।
- सीडीओ को दिया प्रस्ताव
ग्राम प्रधान सतपाल सिंह ने बताया कि यह मार्ग क्षेत्र के ग्रामों के लिए सामरिक महत्व का मार्ग है। मार्ग निर्माण के लिए बिजनौर में मुख्य विकास अधिकारी को प्रस्ताव सौंपा गया है। वहां से समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया है।