गांव तीबड़ी में गौशाला उदघाटन के बाद अधिकारियों को निर्देशित करते डीएम उमेश मिश्रा। साथ में एसप?
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धामपुर (सहारनपुर)। डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि निराश्रित पशुओं की समस्या आज प्रदेश की सबसे बड़ी समस्या हो गई है। हम सभी को जागरूक होकर इस समस्या से निपटने को आगे आना होगा। ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले समय में खाने के अनाज भी नहीं मिलेगा। जिन लोगों ने छुट्टे पशुओं को छोड़ रखा है। वह पकड़ कर स्वयं बांध लें। डीएम ने राजस्व, विकास विभाग के अफसरों को निर्देशित किया कि वे रिकार्ड को अच्छी तरह खंगाल कर चरागाहों की जमीनों को कब्जा मुक्त कर उनमें पशु चारे की बुवाई जरूर कराएं अन्यथा कार्रवाई होगी।
अल्हैपुर विकास क्षेत्र के गांव तीबड़ी में बनी गोशाला का उद्घाटन करने के बाद डीएम ने कहा कि पशुुुपालक किसी भी दशा में पशुओं को छुट्टा न छोड़ें। ऐसा किए जाने से किसी और का नुकसान नहीं होता। बल्कि किसानों का ही नुकसान होता है। निराश्रित पशु किसानों के खेतों में जाकर फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से निराश्रित पशुओं को छुट्टा नहीं छोड़ने के लिए लोगों पर एफआईआर कराई जा रही है। गोशालाओं का भी निर्माण हो रहा है। पशु गणना कर पशु रजिस्टरों को ग्रामवार तैयार कराया जा रहा है। गो-कवच एप के माध्यम से पशु और पशुपालक दोनों का विवरण ऑनलाइन हो रहा है। लेकिन यह तभी संभव है जब हम सभी एक होकर गोवंशीय पशुओं के लिए काम करें। उन्हें छुट्टा न छोड़ें। उनकी सेवा करें। विकास विभाग के अधिकारियों और प्रधानों को निर्देशित किया कि वे गो-काष्ट मशीनों को लगवाएं। इससे ईंधन की बचत होगी। पंचायतों की आय भी बढे़गी। किसानों को फसलों की बढ़िया पैदावार लेने के लिए गाय के गोबर की खाद का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। गाय के गोबर की खाद खेती के लिए बहुत लाभकारी होती है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे राजस्व रिकार्ड अच्छी प्रकार से खंगाल लें। चरागाह, खलियान की जमीनों को हरहाल में कब्जा मुक्त करा उनमें पशुचारे की बुवाई जरूर करा दें। आदेशों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई होगी। बख्शा नहीं जाएगा। इस मौके पर एसपी दिनेश कुमार , एसपी पूर्वी धर्म सिंह मार्छाल, एसडीएम मनोज कुमार सिंह, सीओ इंदू सिद्धार्थ, कोतवाल माधो सिंह विष्ट, खंड विकास अधिकारी मनीषदत्त, सचिव हिमांशु राजपूत आदि अधिकारी मौजूद रहे।