करौंदा चौधर का ग्राम प्रधान निलंबित, अधिकार सीज
कोतवाली देहात। गांव का बारात घर तोड़ने में ग्राम प्रधान को मनमानी करना भारी पड़ गया है। डीएम ने विधायक निधि से बने बारात घर को बिना नीलामी व स्वीकृति के तोड़ने के मामले में ग्राम प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज करते हुए निलंबित कर दिया। वही बारात घर का मूल्यांकन कराते हुए रिकवरी के भी आदेश जारी किए गए हैं।
ब्लॉक कोतवाली की ग्राम पंचायत करौंदा चौधर में ग्राम प्रधान ने अपनी मर्जी से ही एक बारात घर को तोड़ दिया था। सरकारी पैसे से बने उक्त बरात घर की सामग्री को भी खुर्द -बुर्द कर दी गई। इस मामले की शिकायत करौंदा चौधर के रहने वाले राकेश कुमार त्यागी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की थी। मामले में जांच कराई गई तो ग्राम प्रधान प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए। ग्राम प्रधान कुंवर पाल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इसके जवाब में ग्राम प्रधान ने बताया कि बारात घर जर्जर हो गया था, स्कूल के बच्चों पर गिरने का खतरा बना हुआ था। इसके चलते उक्त बारात घर को तोड़ दिया गया और सामग्री वहीं रखवा दी। जांच में ग्राम प्रधान के जवाब को स्वीकार करने योग्य नहीं पाया गया। जांच में पाया गया कि ग्राम प्रधान कुंवरपाल सिंह ने बारात घर को अपनी मर्जी से तोड़कर सरकारी संपत्ति को हानि पहुंचाई है। इसके अलावा खंड विकास अधिकारी कोतवाली को निर्देश दिए गए कि अवर अभियंता से बारात घर का मूल्यांकन कराया जाए।
इसके अलावा ग्राम प्रधान ने बारात घर तोड़ने से पहले तकनीकी मूल्यांकन और अनुमति भी नहीं ली जिसके चलते ग्राम प्रधान को दोषी पाया गया है। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान करौंदा चौधर कुंवर पाल सिंह को वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग के संपादन से रोक लगाते हुुए निलंबित कर दिया।