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साइकिल सफारी से देखें हैदरपुर वेटलैंड के नजारे

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बिजनौर में बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड में गंगा में पक्षियों का झुंड़ - फोटो : BIJNOR
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साइकिल सफारी से देखें हैदरपुर वेटलैंड के नजारे
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बिजनौर। हैदरपुर वेटलैंड में अब साइकिल सफारी करते हुए पक्षियों व वन्य जीवों की सुंदरता का आनंद लिया जा रहा है। तमाम परिवार और युवा साइकिल सफारी करके वेटलैंड की सुंदरता का आनंद ले रहे हैं। पानी कम होने पर वन विभाग ने साइकिल सफारी की व्यवस्था कराई है। पचास रुपये किराया देकर पूरे दिन के लिए साइकिल ली जा सकती है।
वन्यजीवों से प्रेम करने वालों के लिए हैदरपुर वेटलैंड लोकप्रिय होता जा रहा है। दूर-दूर से लोग आकर वन्य प्राणियों को देखते हैं और यहां के प्रकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते हैं। वेटलैंड में दर्जनों प्रजातियों के देशी और विदेशी पक्षी मौजूद हैं। इसके अलावा यहां पर बारहसिंघा के झुंड भी फिर से दिखाई दे रहे हैं। अभी तक वेटलैंड सफारी के लिए मोटर वोेट की व्यवस्था थी। पिछले दिनों पानी कम हो जाने के कारण अब ये सुविधा बंद हो गई है। सर्दियों में बारिश न होने से वेटलैंड में पानी नहीं रह सका। हालांकि बैराज से नीचे डॉल्फिन सफारी के लिए वोट अब भी चल रही है। इसका किराया 50 रुपया प्रति घंटा है। वेटलैंड की एंट्री फीस भी 50 रुपये है।
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अब मुजफ्फरनगर प्रशासन ने पक्षी प्रेमियों को वेटलैंड घूमने के लिए साइकिल उपलब्ध कराई हैं। कुल 19 साइकिल मिली हैं। इनमें चार साइकिल महिलाओं के लिए हैं। वेटलैंड में घूमने के लिए करीब साढ़े छह किलोमीटर की कच्ची सड़क है। यानि वेटलैंड में आने जाने में करीब 13 किलोमीटर में साइकिल सफारी की जा सकती है। साइकिल सफारी करने के लिए जनता आ भी रही है। पानी न होने की वजह से प्रकृति प्रेमियों को सीधे पक्षियों के बीच जाकर चहलकदमी करने का मौका मिल रहा है। साइकिल का किराया भी पचास रुपये निर्धारित किया गया है।
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प्रवासी पक्षियों ने पकड़ी घर की राह
वेटलैंड में प्रवासी पक्षी भारी तादाद में आए हुए थे, लेकिन गर्मी शुरू होने के साथ ही इन पक्षियों ने घर वापसी की राह पकड़ ली है। काफी प्रजाति के पक्षी लौट चुके हैं लेकिन बार हैडेड गूज प्रजाति के पक्षी अब भी वेटलैंड में ठहरे हुए हैं। इस बार हैडेड गूज का 1500 पक्षियों का झुंड वेटलैंड में है। ये पक्षी मंगोलिया, चीन और साइबेरिया से आते हैं। अधिक सर्दी से बचने के लिए और भोजन की तलाश में ये पक्षी वेटलैंड में आते हैं। अब वेटलैंड में केवल वे ही प्रवासी पक्षी बचेंगे जो घायल होंगे या जिनके बच्चे बहुत छोटे होंगे। वे अगले साल यहां से जाएंगे। बर्ड वॉचर आशीष लोया का कहना है कि काफी लोग हैदरपुर वेटलैंड में साइकिल सफारी का आनंद ले रहे हैं। गर्मी आने पर प्रवासी पक्षी जाने लगे हैं, लेकिन बार हैडेड गूज का बड़ा झुंड अब भी वेटलैंड में है।

बिजनौर में बैराज के पास हैदरपुर वेटलैंड में घूमने के लिए आईं साइकिलें।- फोटो : BIJNOR

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