पशुओं का किया जाएगा टीकाकरण
रेहड़। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली के दिशा-निर्देश पर वन्यजीवों में फैलने वाली बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया गया। वन विभाग व पशुपालन विभाग की टीम संयुक्त रूप से पालतू मवेशियों का टीकाकरण करेंगी। टीकाकरण अभियान पांच चरणों में पूरा होगा।
रेंज कार्यालय केहरीपुर में नि:शुल्क टीकाकरण कैंप का आयोजन हुआ।
जिसमें तीन दर्जन से ज्यादा पालतू मवेशी भेड़, बकरी, कुत्तों का टीकाकरण हुआ। प्रभागीय वन निदेशक डॉ. एम सेम्मारन ने बताया कि पशुओं में फैलने वाली बीमारी एफएमडी, रैबीज, कैनाइन डिस्टेंपर, पार्बो, लैप्टोस्पाईरा से मौत हो जाती है। जिनके शव को पशुपालक वन क्षेत्र में डाल देते है। उन पशुओं के शव को खाकर टाइगर व तेंदुए को भी संक्रमित होने का खतरा रहता है। इन संक्रमित बीमारी के भेड़, बकरी आदि के वन क्षेत्र में आने पर भी हिरन आदि पर भी संक्रमित हो जाते हैं। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए सीमावर्ती गांवों में टीकाकरण अभियान चलाकर ग्रामीणों को भी जागरूक किया जाएगा कि वह अपने मवेशियों के शव को खुले या जंगल की ओर न डालकर उसे गड्ढ़ा खोदकर दबा दें। टीकाकरण अभियान के शुरुआत पर डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन, एसडीओ हरि सिंह, पशुचिकित्साधिकारी डॉ एसपी सिंह, डॉ. धीरेंद्र सिंह, डॉ. ऊमा सिंह ने की। इस मौके पर रेंजर राकेश कुमार शर्मा, वन दरोगा भोपाल सिंह, अकबर अली, विजय सिंह कश्यप, मजरूल हसन, सुशील चौहान, रमेश सिंह, सुरेश सिंह आदि मौजूद रहे।