कालागढ़ में उत्तर प्रदेश शासन ने उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग को उत्तराखंड की भौगोलिक सीमा में स्थित 25 भवन व भूमि को उत्तराखंड को सौंपे जाने के आदेश जारी कर दिए हैं। कालागढ़ की बांध परियोजना पर भी यह आदेश लागू कर दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव सुरेशचंद्रा ने सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता व विभागाध्यक्ष को लिखित आदेश देते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड राज्य के मध्य उत्तराखंड की भौगोलिक सीमा में स्थित उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के नियंत्रणाधीन भवनों एवं खाली अनुपयुक्त भूमि जो उत्तर प्रदेश राज्य के अधीन है में से 25 प्रतिशत उत्तराखंड राज्य को हस्तांतरित करने की अनुमति राज्यपाल महोदय से मिल गई है। यूपी एवं उत्तराखंड राज्यों के अधिकारियों द्वारा भवनों का चिह्निकरण की जाएगी।
यह प्रतिबंध कालागढ़ स्थित भवनों पर भी लागू होगा। साथ ही कहा गया है कि वास्तविक रूप से दोनों प्रदेशों के मध्य परिसंपत्तियों का चिन्हांकन करते हुए जब बंटवारा होगा तब उस समय स्वामित्व को राजस्व अभिलेखों के अनुसार भली भांति सत्यापित कर लिया जाएगा।
क्या है मामला ः 1960 के दशक में रामगंगा बांध के निर्माण के समय उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग ने कालागढ़ में लगभग साढ़े पांच हजार आवासीय अनावासीय भवन पुराना कालागढ़, केंद्रीय कालोनी, नई कालोनी में बनाए थे। जिनमें केन्द्रीय कालोनी व नई कालोनी उत्तराखंड राज्य की भौगोलिक सीमा में आती है। जिसमें स्कूल कालेज, बाजार, बैंक, पोस्ट आफिस, प्राईवेट स्कूल आदि स्थित है। इसके अलावा दो हजार तक परिवार निवास कर रहे हैं। अब इसमें से 25 प्रतिशत भूमि व भवन अन उपयुक्त होने पर सिंचाई विभाग उत्तराखंड को सौंप सकेगा। हालांकि पहले ही काफी भवन, भूमि सिंचाई विभाग उत्तराखंड के वन विभाग को सौंप चुका है। यहां तक कि अधिकारी आवास जैसे मुख्य अभियंता आवास, प्रदेशीय अभियंता प्रशिक्षण संस्थान की इमारत, आवास, छात्रावास मुख्य रूप से शामिल है।