दादरी से नाराज होकर नजीबाबाद पहुंचा उत्कर्ष
नजीबाबाद। परिवार से नाराज होकर घर से निकले एक किशोर को आपीएफ ने अपने कब्जे में लेकर प्रेमधाम आश्रम के सुपुर्द कर दिया।
जनता कर्फ्यू के दौरान रविवार को प्रात: नजीबाबाद के सुनसान रेलवे स्टेशन पर 11 वर्षीय लावारिस किशोर को आरपीएफ ने घूमते देखा। आरपीएफ के एसआई महावीर सिंह नेगी, राजीव कुमार, निरंजन सिंह ने किशोर से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह गलत ट्रेन पर सवार होकर नजीबाबाद पहुंच गया। किशोर ने स्वयं को दादरी निवासी विनीत कुमार का पुत्र उत्कर्ष होने की जानकारी दी। आरपीएफ ने किशोर के बताए मोबाइल नंबर पर दादरी में परिजनों से संपर्क किया। परिजनों ने बताया कि किशोर उत्कर्ष शनिवार को अचानक घर से चला गया था। उसे पूरी रात तलाशा गया। उत्कर्ष के पिता गाजियाबाद में एक प्राइवेट कंपनी सुरक्षाकर्मी है। उत्कर्ष के परिजनों ने बताया कि जनता कर्फ्यू के दौरान ट्रेन और रोडवेज बस आदि न चलने के कारण वे सोमवार को नजीबाबाद पहुंचेंगे।
आरपीएफ एसआई महावीर सिंह नेगी ने नजीबाबाद के प्रेम धाम दिव्यांग आश्रम के संचालक फादर शिबू थॉमस और राजीव शर्मा उत्कर्ष के नजीबाबाद पहुंचने की जानकारी दी। आरपीएफ ने उत्कर्ष को माता-पिता के आने तक प्रेमधाम आश्रम के संचालकों के सुपुर्द कर दिया।
चाइल्ड केयर हेल्पलाइन नंबर नहीं हुआ रिसीव
नजीबाबाद। दादरी से नाराज होकर आए उत्कर्ष को चाइल्ड केयर हेल्पलाइन नंबर 1098 पर आरपीएफ काफी देर तक संपर्क करती रही। लेकिन संबंधित नंबर रिसीव नहीं हुआ। आरपीएफ ने चाइल्ड केयर लाइफ से संबंधित प्रतिनिधि प्रेमधाम आश्रम के संचालकों से संपर्क किया तो उन्होंने तत्काल किशोर को कब्जे में ले लिया।