पुक्खेवाला माइनर के टूटने से क्षतिग्रस्त सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
रेहड़ में सिंचाई विभाग के अधिकारियों की उपेक्षा के कारण बुधवार दुपहर गांव कासमपुरगढ़ी से पुक्खेवाला की ओर को जाने वाली पुक्खेवाला माइनर कमजोर तटबंधों के कारण टूट गया।
इसके कारण माइनर का पानी किसानों के खेतों में घुस गया है। पानी की तेज रफ्तार से किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन में लहलहाती गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। इससे किसानों में हड़कंप मच गया। किसानों का आरोप है कि टूटे माइनर को जल्द ठीक कराने के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई, लेकिन अभी तक इसके लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए गए है। इससे उनमें विभागीय अधिकारियों के खिलाफ असंतोष है।
गांव के ग्रामीण बलराम, जगदीश, बुंदू, फरीद, कफील, इरशाद, दलीप, नन्हे, घासीराम का कहना है कि माइनर गांव के पास विद्या मंदिर के समीप टूटा है।
इन दिनों विभाग की ओर से गन्ने की फसल बोने के लिए खाली पड़ी जमीन की सिंचाई करने को माइनर में पानी छोड़ा जा रहा है। माइनर में काफी पानी रफ्तार से दौड़ रहा है। कासमपुरगढ़ी से पुक्खेवाला गांव को जाने वाले मार्ग पर माइनर अचानक टूट गया।
इससे रास्तों में पानी भरने से किसानों का जंगल को आना-जाना बंद हो गया है। गेहूं में अधिक पानी खड़ा होने से फसल बर्बाद होने की स्थिति है। खेतों में काफी पानी खड़ा होने से किसानों में असंतोष है। आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर मरम्मत का कोई प्रयास नहीं किया है। उधर, सिंचाई विभाग के जेई जोगेंद्र सिंह ने टीम के साथ मौके पर पहुंच टूटे माइनर को ठीक कराने का प्रयास करने की बात कही है।