औद्योगिक इकाइयों में नहीं मिला अनुदानित यूरिया का प्रयोग
बिजनौर। उद्योगों में यूरिया के प्रयोग की जांच के लिए नौ इकाइयों की जांच की गई। कहीं पर भी अनुदानित यूरिया प्रयोग नहीं होता पाया गया।
जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार विभिन्न औद्योगिक इकाइयां, जिसमें नाइट्रोजेनस कंपाउंड यथा टेक्निकल ग्रेड यूरिया, फॉर्मेल डिहाइड यूरिया को अपने उत्पादों के निर्माण में कच्चे माल के रूप में प्रयोग किया जाता है। अनुदानित यूरिया यानि किसानों को बेचे जाने वाले यूरिया का प्रयोग औद्योगिक इकाइयों में नहीं किया जा सकता। इसकी जांच के लिए शनिवार को डीएम के निर्देश पर उन्होंने सहायक आयुक्त उद्योग केंद्र जौहरी के साथ नौ औद्योगिक इकाइयों मैसर्स जैन डिस्टलरी लिमिटेड, मैसर्स मोहित पेट्रोकेमिकल्स, मैसर्स मंगला प्लाईवुड प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स शेजवुड नजीबाबाद, मैसर्स शिवा औद्योगिक संस्थान घोसीपुर नजीबाबाद, मैसर्स रुचि इंटरप्राइजेज, नजीबाबाद, मैसर्स सेठी बोर्ड इंडस्ट्री नजीबाबाद, मैसर्स ताज प्लाईवुड नजीबाबाद व मैसर्स नाज प्लाइवुड जलालाबाद नजीबाबाद का निरिक्षण किया गया। कहीं भी अनुुदानित यूरिया का प्रयोग नहीं पाया गया। प्लाइवुड की इकाइयों में टेक्निकल ग्रेड यूरिया एवं फॉर्मेल डिहाइड का प्रयोग होता पाया गया। औद्योगिक इकाइयों में अनुदानित यूरिया का प्रयोग होता हुआ ना तो पाया गया और ना ही किसी औद्योगिक इकाई में अनुदानित यूरिया का स्टॉक पाया गया।