सहकारी समितियों पर यूरिया का टोटा
हरेवली। क्षेत्र के दो दर्जन गांवों के सैकड़ों किसानों के लिए हरेवली क्षेत्र में स्थित दो सहकारी समितियां हैं, पर इन समितियों पर पिछले 10 दिन से यूरिया खाद नहीं है। किसान समितियों के चक्कर काटने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि समिति पर तैनात कर्मचारी यूरिया खाद एक-दो दिनों में आने की बात कहकर किसानों को टाल रहे हैं। इस समय गन्ने की फसल में यूरिया खाद की जरूरत है। यदि गन्ने की फसल में यूरिया नहीं डाला गया तो उनकी फसल कमजोर हो जाएगी।
क्षेत्र के गांवों के किसान गुरजीत सिंह, सुखजीत सिंह, आनंद सिंह, कृपाल सिंह, रंजीत सिंह, रमेश सिंह, रामपाल सिंह का कहना है कि क्षेत्र के गांव शाहनगर कुराली, रामनगर गोसाई, सहारावाला, भगौता खिजरपुर, शहजादपुर परमावाला सहित दर्जनों गांव के किसानों को खाद व बीज उपलब्ध कराने के लिए हरेवली में स्थित गन्ना समिति व सहकारी समिति तो बना दी है, लेकिन इन समितियों पर खाद नाम मात्र को ही आता है। सारा खाद धामपुर समितियों में उतार दिया जाता है, जिससे प्रतिवर्ष किसानों को यूरिया खाद बाहरी क्षेत्रों से लाना पड़ता है। पिछले 10 दिनों से समितियों पर यूरिया न होने की वजह से किसान समितियों के चक्कर काट रहे हैं। समिति पर तैनात कर्मचारी सुदेव सिंह व लोकेंद्र सिंह किसानों को पिछले 10 दिनों से यह कह कर टरका रहे हैं कि यूरिया एक-दो दिन में आ जाएगा। रैक आने वाली है। किसान परेशान न हो। उनकी परेशानी दूर होगी। एक दो दिन में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। किसान अपनी फसलों को बचाने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से महंगे दामों में यूरिया लाने को मजबूर हो रहा है। उधर, सहकारी समिति के सचिव मनोज कुमार का कहना है कि जिले में ही यूरिया की किल्लत चल रही है। यूरिया की रैक लगते ही शीघ्र ही समितियों पर यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा।