बीआरसी पर शिक्षक का शव रखकर धरना देते शिक्षक व परिजन।
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नूरपुर में गांव ढेला अहीर के प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत प्रधानाध्यापक की मौत से शिक्षकों में आक्रोश फैल गया। प्रधानाध्यापक के शव को बीआरसी कार्यालय पर रखकर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर यादव के नेतृत्व में लोगों ने धरना शुरूकर दिया। मृतक के परिजनों ने अधिकारियों के उत्पीड़न के कारण उनका तनाव में हृदयगति रुकने से निधन होने का आरोप लगाया है। मौके पर पहुंचे बीएसए व तहसीलदार ने शिक्षकों को मृतक के परिजनों की हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ।
गांव ऊमरी निवासी गजेंद्र सिंह प्राथमिक विद्यालय ढेला अहीर में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत थे। सोमवार की सुबह अचानक दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। सुबह करीब 10 बजे परिजन शव को लेकर बीआरसी कार्यालय पहुंचे और धरना शुरु कर दिया। इस दौरान सूचना मिलने पर जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर यादव व काफी संख्या में शिक्षक भी वहां पहुंच गए। मृतक के परिजनों ने बताया कि 10 जनवरी को एसडीएम चांदपुर ने उनके स्कूल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान स्कूल में साफ सफाई न मिलने पर उनका वेतन रोकने की कार्रवाई की गई थी।
तीन माह से वेतन न मिलने से वह मानसिक रूप से काफी परेशान थे। इसी कारण उनका दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। धरने पर बैठे शिक्षकों ने उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाकर मृतक शिक्षक के परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा और आश्रित को नौकरी दिलाने की मांग की। सूचना पाकर जिला बेसिक शिक्षाधिकारी जयकरण यादव व तहसीलदार चांदपुर रामाआसरे वर्मा मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को सांत्वना दी। शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुधीर यादव ने गजेंद्र सिंह की मौत के जिम्मेदार नूरपुर ब्लॉक के खंड शिक्षाधिकारी और लिपिक के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की। बीएसए ने सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर शव को उठाया गया।
इस दौरान जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के महामंत्री दुष्यंत चौधरी, जिला प्रवक्ता अंगजीत चौधरी, भूपेंद्र चौधरी, वेतन भोगी समिति के चेयरमैन भूपेंद्र चौहान, हेमेंद्र सिंह, सुमेश कुमार, श्रुतकीर्ति जाहुल, जाहिद अल्वी, नेमीशरण सहित काफी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।