बिजनौर किशोर की मौत के बाद थाने में हंगामा करते परिजनों को समझाते पुलिसकर्मी।
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बिजनौर। अस्पताल में भर्ती किशोर की मौत पर गुस्साए लोगों ने शव को शहर कोतवाली में रखकर हंगामा किया। गुस्साए लोग चिकित्सक पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। हालांकि पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया।
शुक्रवार की शाम वाल्मीकि समाज के जिलाध्यक्ष राजाराम मदान के नेतृत्व में दर्जनों लोगों की भीड़ शव को लेकर शहर कोतवाली पहुंच गई। राजाराम मदान ने बताया कि पीयूष वाल्मीकि 17 वर्ष पुत्र प्रदीप निवासी शेरकोट को बिजनौर शहर के एक अस्पताल में सात अक्तूबर को भर्ती कराया गया था। आरोप है कि डॉक्टर ने उसका ऑपरेशन किया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई। वहां से उसे रेफर कर दिया, एम्स ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिजनों ने कोतवाल के कार्यालय के बाहर शव को रखकर हंगामा किया। सीओ सिटी अनिल कुमार और कोतवाल रविंद्र वशिष्ठ ने किसी तरह से समझा बुझाकर शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
आरोपों की जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-रविंद्र वशिष्ठ, शहर कोतवाल
ऑपरेशन हुआ हैै, ऑपरेशन की दिक्कतों को बता दिया गया था, सभी बातों को बताकर ही ऑपरेशन किया था। शरीर कमजोर था, इससे सभी अंगों को नुकसान होता है। फेफड़ों का निमोनिया होने की वजह से ऑपरेशन के चार दिन बाद दिक्कत हुई है। परिजन अपनी मर्जी से ही जौलीग्रांट ले गए थे। सभी आरोप निराधार हैं।
- डॉ. उपेंद्र