बिजनौर में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रकाश चंद शुक्ला ने मानसिक रूप से कमजोर किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी पाते हुए राहुल को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 70 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि में 60 हजार रुपये पीड़िता को देने के आदेश दिए हैं।
शासकीय अधिवक्ता योगेंद्र सिंह के अनुसार, थाना नजीबाबाद में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें कहा गया कि उसकी बेटी मानसिक रूप से कमजोर है और नाबालिग है। आरोप है कि उसके साथ राहुल निवासी गजरौला पिछले चार माह से दुष्कर्म कर रहा था। इस दौरान परिवार को इस बात की कोई जानकारी नहीं हुई।
वहीं लड़की की तबीयत खराब होने पर उसे कोतवाली देहात क्षेत्र के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने उसे बताया कि लड़की दो माह की गर्भवती है। घर आने के बाद लड़की से पूछताछ की तो उसने बताया कि चार माह से राहुल दुष्कर्म कर रहा था, गर्भवती होने का पता चलने पर उसने जबरदस्ती गोली खिलाई थी। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई।
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वहीं मामले का खुलासा करने पर पीड़िता को जाने से मारने की धमकी भी दी गई थी। अदालत ने इस मामले में राहुल को नाबालिग लड़की से दुष्कर्म का दोषी पाते हुए 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
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