उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के बेसिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए जल्द ही शिक्षक साथी के रूप में सेवानिवृत्त शिक्षकों की तैनाती होगी। विभाग ने पत्रावली तैयार कर अनुमोदन के लिए डीएम को भेज दी है। बीएसए का कहना है कि जैसे ही फाइल पास होकर आती है तो तैनाती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। हालांकि अभी कितने शिक्षक साथियों की तैनाती होगी, उसकी गाइड लाइन राज्य परियोजना शिक्षा विभाग से प्राप्त नहीं हुई है।
बीएसए ने बताया गया कि जिले में कुल 2119 स्कूल हैं। इनमें से 375 स्कूल कंपोजिट हैं, बाकी प्राइमरी और जूनियर हाईस्कूल हैं। राज्य परियोजना शिक्षा विभाग की ओर से सभी स्कूलों में सरकार के मानकों को पूरा करने, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए शिक्षक साथी के रूप में विभाग के सेवानिवृत्त शिक्षकों को 2500 रुपये प्रतिमाह मानदेय पर संविदा पर रखा जाएगा। इस बाबत विभाग से आदेश प्राप्त हो गया है। विभाग की ओर से प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। पत्रावली तैयार कर डीएम के पास अनुमोदन के लिए प्रेषित कर दी गई है।
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शिक्षक साथी का कार्य स्कूलों का भ्रमण का शिक्षा की गुणवत्ता में सुुधार कराना होगा। सेवानिवृत्त शिक्षकों का अनुभव शिक्षा के क्षेत्र में ज्यादा होता है, इसलिए शिक्षक साथी के रूप में यह बेहतर कार्य कर सकेंगे। शिक्षक साथी पद के लिए आयु 70 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए। 70 साल तक के सेवानिवृत्त शिक्षकों को ही शिक्षक साथी पद पर तैनाती का मौका मिलेगा।
दिसंबर तक 25 प्रतिशत स्कूलों को निपुण बनाने का लक्ष्य
बीएसए का कहना है कि वर्तमान में जिले में तीन प्रकार के बेसिक विद्यालयों का संचालन हो रहा है। इन विद्यालयों में प्राथमिक विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल व कंपोजिट स्कूल (एक ही कैैंपस में प्राथमिक और जूनियर को मिलाकर कंपोजिट बनाया गया है) हैं। विभाग की ओर से 25 प्रतिशत स्कूलों को दिसंबर 2022 तक निपुण भारत मिशन के तहत निपुण विद्यालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है।