बिजनौर। यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट सामान्य हिंदी परीक्षा में बेहतर अंक अर्जित करने के लिए विद्यार्थियों को परीक्षा से पूर्व सुव्यवस्थित रणनीति के साथ तैयारी करनी चाहिए। प्रश्नपत्र मिलते ही उसे ध्यानपूर्वक पढ़कर आसान और परिचित प्रश्नों को पहले चिह्नित करना चाहिए।
यह बात राजा ज्वाला प्रसाद आर्य इंटर कॉलेज बिजनौर के हिंदी प्रवक्ता चंद्रहास सिंह ने कही। बताया कि पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन करने तथा विगत वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करने से परीक्षा में सफलता की संभावना बढ़ जाती है। कहा कि उत्तर पुस्तिका में सुलेख और स्वच्छता का विशेष महत्व होता है। उत्तर लिखते समय अनावश्यक शब्दों से परहेज करते हुए विषयानुकूल, संक्षिप्त और स्पष्ट भाषा का प्रयोग करना चाहिए। गद्य और काव्य खंड में निर्धारित पाठ्यक्रम के अंतर्गत आने वाले प्रमुख कवियों और लेखकों का साहित्यिक परिचय, गद्यांश व पद्यांश की व्याख्या तथा खंडकाव्य से संबंधित प्रश्नों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। विद्यार्थियों को केवल निर्धारित खंडकाव्य से ही प्रश्नों के उत्तर लिखने चाहिए।
-व्याकरण और निबंध लेखन से बढ़ेंगे अंक
प्रवक्ता चंद्रहास सिंह ने बताया कि व्याकरण खंड में मुहावरे, संधि, रस और अलंकार का नियमित अभ्यास छात्रों के लिए लाभकारी है। निबंध लेखन में प्रस्तावना, विषय-वस्तु और उपसंहार के साथ उपयुक्त हेडिंग बनाकर उत्तर प्रस्तुत करना चाहिए। वर्तनी की शुद्धता से भी अंक प्रभावित होते हैं, इसलिए इस पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
-समय प्रबंधन करना जरूरी
उन्होंने कहा कि अपठित गद्यांश या पद्यांश को पहले भली-भांति पढ़ने के बाद ही प्रश्नों के उत्तर लिखने चाहिए। प्रश्नों के अंक के अनुसार उत्तर की लंबाई निर्धारित कर समय प्रबंधन करना जरूरी है। संस्कृत खंड में गद्यांश और पद्यांश का अनुवाद करते समय कठिन शब्दों को रेखांकित कर सावधानीपूर्वक अनुवाद करने की सलाह दी गई।
इन टिप्स का रखें ध्यान
- प्रश्नपत्र मिलते ही अच्छे से पढ़ें
- लेखक/कवि की प्रमुख रचनाएं जरूर लिखें
- प्रश्न संख्या स्पष्ट डालें
- सुलेख एवं वर्तनी का ध्यान रखें
- व्याकरण का बार बार अभ्यास करें
-निबंध में अनावश्यक बातें न लिखें, विषय पर टिके रहें साथ ही कोटेशन (सूक्तियों) का प्रयोग करें।
- निर्धारित खंड काव्य के प्रश्नों के उत्तर लिखें