- पुलिस की खुफिया इकाई रहेगी सक्रिय, मनमानी नहीं कर पाएंगे परीक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। इस बार यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन केंद्रों पर पुलिस का पहरा रहेगा। पुलिस की खुफिया इकाई को भी निगरानी करने का जिम्मा सौंपा गया है। इसके लिए बोर्ड ने स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती करने के साथ उनके कर्तव्यों का निर्धारण कर दिया है। बोर्ड की समय से पहले केंद्र छोड़ने वाले परीक्षकों पर अंकुश लगाने की तैयारी है।
यूपी बोर्ड परीक्षा की हाईस्कूल व इंटर की काॅपी जांचने का काम 18 मार्च से शुरू होने वाला है। जिले में तीन मूल्यांकन केंद्र हैं। हाईस्कूल व इंटर की करीब साढ़े छह लाख कॉपियां जांची जाएंगी। जिनमें इंटर की करीब ढाई लाख और हाईस्कूल की करीब चार लाख कॉपियां शामिल हैं। इंटर की कॉपियां जांचने के लिए 936 परीक्षक हैं। हाईस्कूल की काॅपियां जांचने के लिए 1624 परीक्षक लगाए गए हैं।
शासन ने इसके लिए पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक मूल्यांकन होगा। मूल्यांकन केंद्र पर इस बार पुलिस भी तैनात रहेगी। पुलिस की खुफिया इकाई भी निगरानी करेगी। शासन को हर केंद्र की रोजाना गोपनीय रिपोर्ट जाएगी। शासन के सामने इस तरह की शिकायत आती रही है कि कतिपय परीक्षक कोठार से मनमाना बंडल आवंटित कराते हैं। दस-बीस काॅपियां जांचकर खानापूर्ति कर चले जाते हैं।
शासन ने इस पर अंकुश लगाने के लिए मूल्यांकन केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात करने के निर्देश दिए हैं। स्टेटिक मजिस्ट्रेट मूल्यांकन अवधि में केंद्रों पर रहेंगे। साथ ही स्टेटिक मजिस्ट्रेटों के दायित्वों का भी निर्धारण कर दिया है। उप प्रधान परीक्षकों को आज मूल्यांकन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इंटर के 95 उप प्रधान परीक्षक तथा हाईस्कूल के 148 उप प्रधान परीक्षक प्रशिक्षण लेंगे।