बिजनौर। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे निजी स्कूलों में अन्य छात्रों के साथ पढ़कर अपना भविष्य संवारेंगे। यह हक उन्हें शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत मिला है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 454 छात्र-छात्राओं का निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए चयन हुआ है।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश दिलाया जाता है। योजना में प्रवेश के ऑनलाइन फार्म भरे जाते हैं। इस योजना के तहत छात्रों की फीस स्कूलों को सरकार की ओर से दी जाती है। योजना में दुर्बल एवं मध्यम परिवार के बच्चों को लाभ मिलता है। हर साल काफी छात्र-छात्राएं इस योजना से निजी स्कूलों में प्रवेश लेकर अपना भविष्य संवार रहे हैं।
पहले चरण में प्रवेश के लिए 919 छात्र-छात्राओं ने आवेदन किए थे। जांच के उपरांत इनमें प्रवेश की प्रक्रिया की गई। इसमें से लॉटरी के माध्यम से 454 छात्र-छात्राओं का प्रारंभिक कक्षा अर्थात नर्सरी कक्षा के लिए निजी स्कूलों में प्रवेश को चयन हुआ। यह छात्र एक अप्रैल से चयनित स्कूलों में प्रवेश ले सकते हैं। दूसरे चरण की कुछ दिन बाद प्रक्रिया आरंभ होगी। अफसरों के अनुसार पहले चरण में छात्रों के अभिभावकों की पहली पसंद डीडीपीएस और एमडी स्कूल रहे हैं।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत 454 छात्र-छात्राओं को नर्सरी में प्रवेश दिलाने को लॉटरी के लिए चयन हो गया है। एक अप्रैल से यह छात्र चयनित स्कूलों में प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं - जयकरन यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी