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धौकलपुर में चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या

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धौकलपुर में चाचा-भतीजे की गोली मारकर हत्या
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बिजनौर। कुछ साल पहले हुई हत्या का बदला लेने को गांव धौकलपुर में जंगल से ट्रैक्टर-ट्रॉली से भूसा लेकर आ रहे एक शिक्षक व उसके भतीजे को गोलियों से भून डाला। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्यारे कार में सवार थे। ट्रैक्टर के आगे कार लगाकर घटना को अंजाम दिया गया। घटना के बाद आरोपी कार के साथ फरार हो गए। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। डीआईजी मुरादाबाद शलभ माथुर ने पुलिस अफसरों के साथ मौके का निरीक्षण किया व पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए। सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव धौकलपुर निवासी महाराज सिंह अपने बेटे 50 वर्षीय धीर सिंह उर्फ जॉली, 24 साल के पोते अंकुर व 18 साल के आकाश के साथ रविवार सुबह जंगल में ट्रैक्टर ट्राली से भूसा लेने के लिए गए थे। आकाश को छोड़ महाराज सिंह, धीर सिंह और अंकुुर सुबह करीब नौ बजे भूसा लेकर ट्रैक्टर से लौट रहे थे। अंकित ट्रैक्टर चला रहा था। महाराज सिंह व धीर सिंह ट्रैक्टर पर बैठे थे। गांव से करीब डेढ़ किमी दूर जंगल में पीछे से कार में सवार होकर आए हत्यारोपियों ने ट्रैक्टर से साइड लेकर कार आगे लगा दी और अंकुर को गोली मार दी। अंकुर ट्रैक्टर से नीचे गिरा। उस पर कई गोलियां और दाग दीं। धीर सिंह को गोली मारी तो वह भागकर पास के खेत में जा घुसा। हत्यारोपियों ने धीर सिंह को खेत में घेरकर उस पर भी गोलियां बरसा दीं। दोनों की हत्या करने के बाद से वे कार से फरार हो गए। कार में चार लोग सवार होने की बात कही जा रही है।
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सहायक अध्यापक था धीर सिंह
धीर सिंह जूनियर हाईस्कूल फरीदपुर दरगो उर्फ नंगली में सहायक अध्यापक पद पर तैनात थे। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। लोग मौके की ओर दौड़े। पूरे इलाके में इस हत्याकांड की चर्चा हो रही है।
डीआईजी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
डीआईजी शलभ माथुर, एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह व पुलिस के अन्य अफसरों ने मौके का निरीक्षण किया। डीआईजी ने पुलिस को आवश्यक निर्देश दिए। एसपी डॉ.धर्मवीर सिंह के मुताबिक पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी ने बताया कि हत्यारोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
साल 2015 का बदला 2021 में लिया
पुलिस के मुताबिक 15 अगस्त 2015 को गांव के जनता इंटर कॉलेज में प्रबंध समिति के सदस्य अमन सिंह की समारोह के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में धीर सिंह उर्फ जॉली, उसके भाई जगवीर सिंह उर्फ पप्पू, जगवीर सिंह के बेटे अंकुर जेल गए थे। इन पर रासुका भी लगा था। ढाई साल पहले धीर सिंह व अंकुर जमानत पर जेल से बाहर आ गए थे। पर जगवीर सिंह की जमानत नहीं हुई है। अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए उसके बेटे अनुज, कृष्णा कुमार ने इस घटना को अंजाम दिलाया है।
छह साल से भड़क रही थी बदले की आग
बिजनौर। अमन सिंह की हत्या का बदला लेने के लिए उसके तीनों पुत्रों ने पहले से ही ताना बाना बुन लिया था। पिछले दिनों ग्राम प्रधानी के चुनाव के दौरान पूरे कुनबे ने एक साथ इकट्ठा होकर अमन सिंह की पत्नी को चुनाव लड़ाया था। अमन सिंह की हत्या के बाद छह साल से उन्होंने किसी को यह अहसास नहीं होने दिया कि इनके मन में बदले की भावना है।
गांव में शांत स्वभाव से अमन के बेटे रहते थे। दोनों पक्षों में कभी कोई टकराव की नौबत नहीं आई। मृतक धीर सिंह व उसके बेटे अंकुर को भी यह नहीं मालूम था कि उनकी हत्या हो सकती है। 15 अगस्त 2015 को युवती से छेड़खानी व अन्य विवाद को लेकर धीर सिंह, उसके भाई जगवीर व अंकुर ने अमन सिंह पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद ये तीनों जेल चले गए। ढाई साल बाद जेल से जमानत पर आने के बाद धीर सिंह और अंकुर गांव में रहने लगे। गांव वालों के मुताबिक अंकुर गांव में कम रहता था। गांव में वह आता जाता जरूर था पर ज्यादातर अपनी रिश्तेदारी में ही रहता था। धीर सिंह गांव में ही रहते थे। गांव से ही फरीदपुर दरगो उर्फ नंगली गांव में अपने स्कूल बाइक से जाते थे। अमन सिंह का बड़ा बेटा नितिन सीमा सुरक्षा बल में तैनात है। छोटा भाई अनुज व कृष्णा गांव में ही रहकर खेतीबाड़ी करते हैं। तीनों भाइयों ने पिछले छह साल से किसी को यह अहसास नहीं होने दिया कि इनके मन में पिता की हत्या का बदला लेने का इरादा है। धीर सिंह व उसके परिवार से कभी कोई टकराव की नौबत नहीं आई। पिछले दिनों ग्राम प्रधानी के चुनाव में अमन सिंह की पत्नी केलो देवी चुनाव लड़ीं। नितिन भी छुट्टी लेकर गांव आया। चुनाव के दौरान भी दोनों पक्षों में आपस में कोई विवाद नहीं हुआ। धीर सिंह गांव में बेखौफ होकर घूमते थे। अमन सिंह के घर के सामने से निकलकर अपने ड्यूटी पर स्कूल जाते थे। रोजाना जंगल भी आते जाते थे। गेहूं की कटाई होने पर पूरा परिवार गेहूं जंगल से लाने के बाद जंगल से भूसा लाने में जुटा था। रविवार को भूसा लाने के दौरान ही धीर सिंह व उसके भतीजे को ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मार डाला गया।
रायफल और बंदूक से दिया वारदात को अंजाम
बिजनौर। कार में सवार हत्यारोपियों ने धीर सिंह व अंकुर की तो हत्या कर दी पर महाराज सिंह को कुछ नहीं कहा। महाराज सिंह ट्रैक्टर पर बैठे रहे। हत्या को अंजाम देने के बाद कार से सभी फरार हो गए। आसपास खेतों में काम करने वाले किसानों ने भी हत्यारोपियों के हाथों में हथियार देखे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक हत्यारोपियों के पास रायफल और बंदूक थी। इनसे ही उन्होंने दोनों पर गोलियां बरसाईं। अंकुर को चार व धीर सिंह को तीन गोली लगी हैं।
बाइक पर आ गया था आकाश
अंकुर का छोटा भाई आकाश भी अपने दादा महाराज सिंह, भाई अंकुर व धीर सिंह के साथ जंगल भूसा लेने के लिए गया था। ये तीनों तो भूसा लेकर ट्रैक्टर पर सवार होकर आ गए पर आकाश गांव के एक युवक की बाइक पर बैठकर घर आ गया। गनीमत रही कि आकाश ट्रैक्टर से घर नहीं आया वरना हत्यारोपी धीर सिंह और अंकुर के साथ उसकी भी हत्या कर देते।
सात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
धीर सिंह और उनके भतीजे अंकुर की हत्या में गांव के ही अमन सिंह के बेटे अनुज, नितिन, कृष्णा, गांव कंभौर निवासी देवेंद्र, गांव रावणपुर निवासी ललित, उसके भाई अमित व एक अन्य के खिलाफ धारा 147, 148, 149, 302, 120बी व 134 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। धीर सिंह के पिता महाराज सिंह ने यह रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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पहले ही बना ली थी योजना
अमन सिंह के बेटे अनुज की पिछले दिनों शादी हुई थी। उसकी संगत ठीक नहीं थी। गांव वालों के मुताबिक अपराधी प्रवृत्ति के कुछ लोगों से उसने संपर्क किया था। अनुज गुपचुप तरीके से प्लान बना रहा था। इसके लिए कई दिनों से रेकी की जा रही थी। घटना को अंजाम देने के लिए मौका तलाशा जा रहा था। अनुज व उसके भाइयों को मालूम था कि जंगल में धीर सिंह के परिवार का भूसा पड़ा है। भूसा लेने के लिए ये लोग जंगल जरूर आएंगे। हत्या को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया गया। तभी तो घटना के बाद अमन सिंह के घर पर कोई महिला व बच्चे तक पुलिस को नहीं मिले।
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