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अपह्त बच्ची की तलाश में दर दर भटक रही बेबस महिला

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अपह्त बच्ची की तलाश में दर दर भटक रही बेबस महिला
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नहटौर। 25 दिन पूर्व आदिवासी महिला की अपहृत बच्ची का पुलिस अभी तक कोई सुराग नहीं लगा सकी है। बच्ची की पहचान के लिए पुलिस अभी तक उसका फोटो तक तलाश नहीं कर सकी। आदिवासी महिला अपनी बच्ची की तलाश में दर दर भटक रही है।
विगत 10 नवंबर को मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के सरई क्षेत्र की रहने वाली आदिवासी महिला सुमित्रा बसोर की तीन माह की बच्ची को नहटौर चांदपुर मार्ग से बाइक सवार युवक व उसकी महिला बुरके धारी साथी छीनकर फरार हो गए थे। आदिवासी महिला झालू में डेरा डालकर रह रही थी। वह नहटौर में भीख मांगने आई थी। इसी दौरान उसकी बच्ची को बाइक सवार छीनकर फरार हो गए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने जांच में कई सीसीटीवी फुटेज निकाली। जिसमें एक कैमरे में बच्ची को ले जाते समय देखा गया। सीओ धामपुर ने कस्बा इंचार्ज अशोक कुमार के नेतृत्व में चार पुलिस कर्मियों की एक टीम बनाकर जांच के लिए निर्देशित किया था। पुलिस 25 दिन की जांच में अभी तक उसकी पहचान के लिए फोटो तक तलाश नहीं कर सकी है। पुलिस ने बिना फोटो के उसके पोस्टर चस्पा कराएं हैं। कुछ गांवों में लाउडस्पीकर से प्रचार भी किया है। महिला कभी बस स्टैंड तो कभी आसपास के क्षेत्र में बच्ची की तलाश के लिए भटक रही है। महिला देवी देवताओं से भी बच्ची के लिए प्रार्थना करती है। झोली फैलाकर कभी सूर्य देवता तो कभी धरती को छूकर अपनी बच्ची की सलामती की दुआ कर रही है। कस्बा इंचार्ज अशोक कुमार का कहना है कि प्रयास किए जा रहे हैं।
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कोई संगठन मदद को नहीं आया आगे
नहटौर। लोगों का कहना है कि गरीब आदिवासी महिला की बच्ची अपहृत हो गई। वह अकेले ही बच्ची की तलाश में दर दर भटक रही है। अभी तक कोई संगठन इस महिला की मदद के लिए आगे नहीं आया है। छोटे से छोटे केस में सैकड़ों लोग खुलासे के लिए थाने में आकर अपनी मांग रखते हैं। यहां तक धरने प्रदर्शन भी होते हैं। पुलिस की कई टीमों को लगा दिया जाता है। लेकिन अकेले गरीब महिला सिर्फ बेबस नजर आ रही है।
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