फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाथियों ने उजाड़ी फसलें

Sat, 02 Apr 2016 11:18 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
विज्ञापन
भागूवाला में जंगली हाथियों के आतंक के चलते किसान द्वारा बनाई गई मचान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
भागूवाला में जंगली हाथियों के झुंड द्वारा वन क्षेत्र से सटे खेतों में फसलों को काफी नुकसान पहुंचाने के कारण किसानों के समक्ष विषम स्थितियां पैदा हो गई है। रोजाना गन्ने और गेहूं की फसल बर्बाद होने से किसान परेशान हैं। हालांकि किसानों ने खेतों पर मचानें बना ली हैं, लेकिन उत्पाती हाथियों से फसलों को नहीं बचा पा रहे हैं। उधर, जंगली हाथियों को खेतों में घुसने से रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं करने पर किसानों ने वन अधिकारियों के खिलाफ रोष जताया।
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर हरिद्वार दिशा में नजीबाबाद तहसील क्षेत्र के कई गांव वन क्षेत्र से सटे हैं। ग्रीष्मकाल में जंगली जानवर खासकर हाथी भोजन एवं पानी की तलाश में जंगल से बाहर निकल आते हैं। पिछले कुछ दिनों से तीन-चार जंगली हाथियों का झुंड रोजाना जंगल से खेतों में पहुंचकर गेहूं और गन्ने की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। वन क्षेत्र से सटे गांव सबलगढ़, राजगढ़, पीतमगढ़, भागूवाला के किसान खासे परेशान हैं। सबलगढ़ निवासी किसान रशीद, डॉ.ओमपाल, अखलाक, एजाज, राजगढ़ के किसानों मनीराम, राजेंद्र, पीतमगढ़ के किसान विरेंद्र, चंद्रपाल, पवन, भागूवाला क्षेत्र के किसान मुश्ताक, मुख्तार सहित कई किसानों की गेहूं व गन्ने की फसलों को जंगली हाथी पांव तले रौंद चुके हैं।
किसानों का कहना है कि वे कई बार वनकर्मियों को जंगली हाथियों के खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाने की घटना से अवगत करा चुके हैं, लेकिन वन अधिकारियों द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। किसानों का कहना है कि फसलों को बचाने के लिए खेतों पर मचानें बनाई हैं, लेकिन वे जंगली हाथियों को खेतों में घुसने से नहीं रोक पा रहे हैं। राजगढ़ वन रेंजर विजेंद्र मलिक से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें