फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: उदुपुरा की महिला प्रधान के पति की बदायूं में हत्या, अलीगढ़ में मिला शव

विज्ञापन
विज्ञापन
13 जून को अलीगढ़ पुलिस ने अज्ञात में कर दिया अंतिम संस्कार
विज्ञापन

ठेकेदारी के कार्य से पार्टनर से मिलने सात जून को गए थे बदायूं
बदायूं पुलिस ने परिजनों को सोमवार को दी हत्या होने की जानकारी

संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर (बिजनौर)। फतेहपुर लाल उर्फ उदुपुरा पंचायत की महिला प्रधान दीपा चौहान के 50 वर्षीय पति चरण सिंह चौहान की बदायूं में हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया गया। नौ जून को मृतक व्यक्ति का शव अलीगढ़ पुलिस ने बरामद किया। 13 जून को दाह संस्कार कर दिया। दस दिन से तलाश में जुटे परिजनों को सोमवार को इसका पता चला। परिवार बदायूं के लिए रवाना हो गया है।
प्रधान दीपा चौहान ने बताया कि वर्तमान में पति चरन सिंह का ट्रैक्टर बदायूं में ठेकेदार गोपाल राजपूत के अंडर में चल रहा था। ट्रैक्टर की देखभाल करने और बकाया रकम लेने के लिए सात जून को वे बदायूं गए थे। शाम को मोबाइल पर बात हुई थी। मगर, आठ जून को मोबाइल भी स्विच ऑफ आने लगा था। ठेकेदार से बात की तो बताया कि उसने चरण सिंह चौहान को आठ जून को वापसी के लिए बदायूं से टेंपो में बैठाया था।
विज्ञापन

सुराग नहीं लगने पर बदायूं के दातागंज थाने में 10 जून को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सोमवार को दातागंज थाने की पुलिस ने जानकारी दी कि ठेकेदार ने सात जून की रात में ही चरण सिंह की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया था। शव अलीगढ़ पुलिस ने नौ जून को नहर से बरामद किया। 13 जून को पुलिस ने पोस्टमार्टम से पहले फोटो और कपड़े आदि के चित्र लेने के बाद अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया। फिलहाल ठेकेदार पुलिस की हिरासत में है।



पहली बार चुनाव लड़ाकर पत्नी को बनाया प्रधान


चचेरे भाई भूदेव और रिश्तेदार विपिन कुमार ने बताया कि चरण सिंह मेहनती और सरल स्वभाव के थे। पत्नी दीपा चौहान को पहली बार चुनाव लड़वाकर गांव का प्रधान बनाया था। उनके दो बच्चे है। मौत की खबर से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
विज्ञापन



प्रधान संगठन ने जताया शोक
ग्राम प्रधान संगठन की अध्यक्ष संध्या चौहान और कौड़ीपुरा पंचायत के ग्राम प्रधान अशोक कुमार चौहान ने चरण सिंह की मौत पर शोक जताया। बदायूं पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कहना है कि चरण सिंह को अपनी जन्मभूमि भी अंतिम संस्कार के दौरान मयस्सर नहीं हो सकी। इसका उन्हें बहुुत गम है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें