बिजनौर। बिना टेंडर और ग्राम प्रधान या सचिव की अनुमति के बिना ही गांव में दो सड़कों का निर्माण कर दिया गया। विभागीय जांच में मामला पकड़ आया तो इन्हें श्रमदान घोषित कर दिया गया। यानि अब सड़क के निर्माण की एवज में भुगतान नहीं किया जाएगा। बाकायदा वर्क आईडी को भी खत्म कर दिया गया है। हल्दौर ब्लॉक की ग्राम पंचायत रसूलपुर पित्तनका के गांव बवनपुरा में 18 नवंबर को उपायुक्त श्रम रोजगार डीसी यादव ने टीम के साथ जांच की थी। जांच में सामने आया कि होली चौक से उदय सिंह के मकान तक और अजीत के घर से शिव मंदिर तक सड़क का निर्माण होना पाया गया। इन दोनों ही सड़कों का निर्माण दस से 13 नवंबर 2025 के बीच कराया गया था।
जांच में इन सड़कों के निर्माण के लिए तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति नहीं होना सामने आया।
ठेकेदार ने ग्राम प्रधान या सचिव को भी सूचना नहीं दी थी। मामले की शिकायत और प्राथमिक जांच के मनरेगा आईडी को खंड विकास अधिकारी ने डिलीट कर दिया था। जबकि दूसरी सड़क की आईडी को डिलीट करने के बाद डीएम की ओर जांच के निर्देश दिए गए। साथ ही इन सड़कों के निर्माण का भुगतान नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद