बिजनौर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से सितंबर व अक्तूबर माह 2015 में लिए गए दो नमूने जांच में फेल पाए गए। एडीएम प्रशासन मदन सिंह गर्भयाल द्वारा नमूने फेल होने पर व्यापारियों पर तीस हजार रुपये का जुर्माना लगया गया। विभाग द्वारा डीएम के निर्देश पर एक ऑयल का नमूना भी लिया गया।
अभिहित अधिकारी बिनोद कुमार सिंह ने बताया कि वर्ष 2015 में बिजनौर के गांव स्वाहेड़ी निवासी परवेज के यहां से दूध व कोतवाली देहात के गांव बानगढ़ी के पवन कुमार के यहां से पीसे धनिया का पाउडर का नमूने लिया था। जांच में दूध का नमूने फेल व पीसा धनिया पाउडर का नमूना असुरक्षित पाया गया। उन्होंने बताया कि पीसा हुआ मसाला बेचना प्रतिबंधित है। उन्होंने ग्राहकों से कहा है कि सील बंद मसाला ही खरीदे। एडीएम प्रशासन ने परवेज पर दस हजार रुपये व पवन कुमार पर बीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। डीएम के निर्देश पर विभाग की ओर से शनिवार को सेंट मैरीज के निकट राजीव अग्रवाल की तिरूपति बालाजी एजेंसी सेराइस ब्रान आयल (चावल की भूसी से निकलने वाला तेल) का नमूना लिया गया। यह नमूना जांच के लिए भेज दिया गया है। जांच के दौरान उनके साथ मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी सिंह मौजूद रहे।